बॉलीवुड से पार्लियामेंट तक आमिर परफैक्ट

मई माह में शुरु हुए शो सत्यमेव जयते ने सिर्फ एक महीने में ही आम जनता से लेकर पार्लियामेंट तक में खुद को चर्चा का विषय बना लिया। इसका क्रेडिट देना हो तो मैं किसे दूंगी शायद आमिर खान को या फिर उनकी उस टीम को जो दिन रात मेहनत करके आमिर की सोच को एक साकार रुप दे रही है। बॉलीवुड से लेकर पार्लियामेट तक आमिर का परफैक्शन काफी सराहा जा रहा है। आमिर के अभिनय ने तो काफी सालों से बॉलीवुड में खुद को टॉप पर रखा है लेकिन आज उनकी सोच को भी हर कोई सलाम कर रहा है।
बॉलीवुड में एक साल में सिर्फ एक ही फिल्म करना ताकि उस एक फिल्म में कोई कमी ना रह जाए आमिर की खासियत रही है और शायद यही खासियत टेलिवीज़न शो सत्यमेव जयते को अब तक का सबसे बेहतरीन शो बना पाई है।
पर इस शो की सबसे खास बात क्या है एक टॉप बॉलीवुड सेलिब्रिटी का इससे जुड़ा होना या समाज को रहने की एक बेहतर जगह बनाने की ओर इसक बढ़ते कदम।
एक सेलिब्रिटी होने का सबसे बड़ा फायदा क्या है? लोग उसकी हर एक बात को तवज्जो देते हैं। लेकिन ऐसे कितने सेलिब्रिटी होंगे जो समाज को बेहतर बनाने के लिए आगे आते हैं। फिल्मों में एक बेहतर भारत का सपना दिखाना, तीन घंटे सिनेमाहॉल में बैठे लोगों को खूबसूरत समाज की तस्वीर दिखाकर खुश करना किसी के लिए भी आसान है लेकिन उस सिनेमाहॉल से बाहर निकलकर समाज को बेहतर बनाना बहुत मुश्किल।
आमिर ने अपना कदम तो आगे बढ़ा दिया है लेकिन ये बढ़े हुए कदम पीछे ना हटें इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा ज़ाहिर है इस समाज में रह रहे लोग। पर मिस्टर परफैक्शनिस्ट आमिर के इन परफैक्ट कदमों का साथ देने के लिए परफैक्ट नागरिक की आवश्यकता होगी। सिर्फ डेढ़ घंटे तक टेलीवीजन के आगे बैठकर हर रविवार को समाज के एक नये मुद्दे को देखकर सिर्फ सोचना और भूल जाना आखिर क्या बदलाव लाएगा।
आमिर के चलते इस शो को इतना बढा़वा मिल भी गया लेकिन अगर सिर्फ एक आम एंकर इस शो से जुड़ा होता तो क्या मीडिया इस शो को इतनी तवज्जो देती? शायद नहीं, लेकिन फिल्हाल तो मुद्दा ये है कि आमिर ने जिस नयी जंग को शुरु किया है अब उसे विवादों के घेरे में ना रखकर एक नयी सोच के साथ किस तरह आगे जारी रखा जाए..अगर आप भी इस सोच में हों तो इन पंक्तियों को जरुर ध्यान में रखिये-
कौन कहता है कि छेद आसमां में हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तवियत से उछालो यारों.. सत्यमेव जयते!












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