बोरवेल में डाले गये सीसीटीवी में दिखी माही, कोई हरकत नहीं

मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
शुक्रवार सुबह तक घटनाक्रम की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जिलाधीश पी सी मीणा द्वारा दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त उपायुक्त के एम पांडूरंग को सौंपी गई है। अवैध रूप से बोर खोदने के आरोप में मकान मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा 336 के तहत पुलिस थाना मानेसर में एफआईआर नंबर 157 दर्ज की गई है।
इसके अलावा, दोषी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का मामला अलग से चलाया जाएगा। मकान मालिक का नाम रोहताश तायल बताया गया है, जो नजफगढ़ के निवासी बताए गए हैं और वर्तमान में द्वारका में रहते हैं।
गौरतलब है कि गुड़गांव जिला के आईएमटी मानेसर के निकट स्थित कासन की ढ़ाणी में बतौर किराएदार रह रहे नीरज उपाध्याय की बेटी माही का 20 जून, बुधवार को जन्मदिन था, जिसे मनाने के लिए सगे-सम्बंधी उसके घर पर एकत्रित हुए थे। नीरज उपाध्याय जिस घर में बतौर किराएदार रह रहे हैं उसके सामने गली में लगभग 9 इंच चौड़ाई का बोर खुला पड़ा हुआ था। जन्मदिन मनाते समय घरवालों ने उस बोर की तरफ ध्यान नहीं दिया और माही के पिता नीरज के अनुसार रात्रि लगभग 12 बजे माही फिसलकर उस खुले बोर में जा गिरी। उसके बाद नीरज ने पुलिस कंट्रोल रूम के फोन नंबर 100 पर घटना के बारे में सूचित किया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। तत्काल जिला प्रशासन तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए और लगभग प्रात: 12:30 बजे मोर्चा संभाल लिया। राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू किए गए। यह देखते हुए कि इस लगभग 70 फुट गहरे बोर के तीन तरफ बहुमंजिला ईमारतें हैं, जहां ज्यादा गहराई तक खुदाई संभव नहीं है, इसलिए सेना की मदद लेने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त पी सी मीणा ने सेना के अधिकारियों से इस मामले में मदद के लिए उन्हें फैक्स संदेश भेजा। तब तक रात को ही बोर की सिधाई में खाली पड़े प्लाट में जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई शुरू कर दी गई और सिविल सर्जन डा. प्रवीण गर्ग को उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ मौके पर बुलाकर बच्ची के लिए बोर में ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू करवाई। इसके अलावा लगभग 3 एंबुलैंस मौके पर तैनात कर दी गई। अग्रिशमन विभाग के अधिकारी भी फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां लेकर मौके पर पहुंचे। इस बीच श्री मीणा का सेना के अधिकारियों के साथ तालमेल बना रहा और उन्हें जगह इत्यादि बता दी गई।
वीरवार सुबह 6 बजे से जारी है सेना का बचाव कार्य
प्रात: 3 बजे के करीब सेना के उच्च अधिकारियों ने क्लीयरेंस दे दी और लैफ्टीनेंट कर्नल अश्वनी त्यागी के नेतृत्व में तीसरी इंजिनियर्स रेजिमैंट की टीम दिल्ली कैंट से घटना स्थल पर भेजने के आदेश दे दिए गए। सेना प्रात: लगभग 6 बजे घटना स्थल पर पहुंच गई थी और जिला प्रशासन द्वारा रातभर की गई कार्रवाई को उन्होंने देखा। इसके बाद सेना के अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे को बोर में डाला और बच्ची की हालत व स्वास्थ्य के बारे में जानने की कोशिश की। फिर राहत व बचाव कार्य सेना की तीसरी इंजिनियर्स रेजिमैंट की टीम ने अपने हाथ में ले लिए।
जेसीबी की मदद से लगभग 30 फुट गहराई तक खुदाई करने के बाद जिला प्रशासन द्वारा रैपिड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन से मैट्रो के पिलर की खुदाई करने वाली भारी मशीन मंगवाई गई, जो ड्रिल का कार्य तेजी से करती है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान उपायुक्त पी सी मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त के एम पांडूरंग, गुडग़ांव पुलिस के उपायुक्त दक्षिणी प्रवीण कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त रविन्द्र तोमर, गुडग़ांव उत्तरी के एसडीएम डा. सतेन्द्र दूहन, मानेसर के तहसीलदार बलराज डांगी सहित जिला प्रशासन व गुडग़ांव पुलिस का समस्त अमला मौके पर ही जमा हुआ था।
समाचार लिखे जाने तक जिस बोर में बच्ची गिरी हुई थी उसके समानांतर लगभग 7-8 फुट दूरी पर दूसरा गढ्ढा ड्रिल मशीन की मदद से खोदने का कार्य जारी था। सेना द्वारा बनाई गई रणनीति के अनुसार लगभग 70 फुट तक समानांतर गढ्ढा खुदने के बाद सेना के एक जवान को उसमें उतारा जाएगा, जो दोनों गढ्ढों के बीच की खुदाई हाथ से करके माही को सुरक्षित निकालने का प्रयास करेगा। इस राहत व बचाव कार्यों में रात होने की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए उपायुक्त के आदेश पर बिजली निगम के अधिकारियों ने रोशनी की समुचित व्यवस्था कर दी थी।
शिक्षा मंत्री ने मांगी दुआ
हरियाणा की शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि गुडग़ांव जिले के गांव खोह में एक खुले बोरवैल में बच्ची के गिरने की घटना को हरियाणा सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसकी सूचना मिलते ही बचाव टीमें मौके पर राहत कार्यों में भेज दी गई है और बच्ची को सकुशल बाहर निकालने के लिए सेना की भी मदद ली जा रही है।
भुक्कल झज्जर के गांव सुर्खपुर टप्पा में छोटू राम समाज कल्याण समिति की ओर से श्याम बाबा मूर्ति स्थापना समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि बोरवैल के अंदर आक्सीजन तथा क्लोज सर्किट कैमरे भेजे गए है। इसके लिए सभी ऐतिहातिक कदम उठाए जा रहे है ताकि माही को बचाया जा सके। उन्होंने गुडग़ांव प्रशासन से भी इसकी पूरी जानकारी ली तथा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन को बचाव इंतजामों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बच्ची के सकुशल बाहर आने के लिए हम सबको दुआ करनी चाहिए।












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