ट्विटर पर नरेंद्र मोदी का जलवा, हुए 7 लाख फॉलोवर्स

जिस समय मोदी के 4 लाख फॉलोवर्स पूरे हुए थे, उस समय उन्होंने अपने पेज पर कई रचनात्मक गतिविधियों को पहले कि अपेक्षा बढ़ा दी थीं। अपनी इस मुहीम को अमली जामा पहनाते हुए मोदी ने जो काम किया वो ये कि खुद मोदी ने लोगों को फॉलो करना शुरू किया। लोगों को सीधे फॉलो करने से मोदी ने लोगों से सीधा संवाद शुरू कर दिया। हालांकि वो सभी के ट्वीट्स का जवाब सीधे नहीं दे पाते हैं, परन्तु वो प्रत्येक ट्वीट को गंभीरता से जरूर लेते हैं।
दूसरी सबसे अहम बात यह कि स्वामी विवेकानंद की जयंती की 150वीं वर्षगांठ पर गुजरात ने 2012 को "युवा शक्ति का वर्ष" घोषित किया और इसे जयंती वर्ष के रूप में मनाना शुरू किया। उनके इस अभियान से लाखों लोग जुड़ रहे हैं।
फरवरी 2012 में मोदी ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट www.narendramodi.in को नया कलेवर प्रदान किया, जिसमें लोग सीधे जनसंवाद कर सकते हैं। इस वेबसाइट के अंतर्गत न केवल गुजरात के विकास कार्यों पर फोकस किया जा रहा है, बल्कि "जनसंवाद" का कॉलम शुरू किया, जिसमें आम आदमी एक पत्रकार के रूप में लिख सकता है। खबर लिखने का काम अब सिर्फ मीडिया तक नहीं सीमित रह गया है, अब आम आदमी नरेंद्र मोदी की वेबसाइट पर जाकर खबर लिख सकता है। यही नहीं फोटोग्राफ्स भी अपलोड कर सकता है। इसके अलावा एक सेक्शन 'यू सेड इट' शुरू किया गया, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपने विचार रख सकता है। मीडिया कवरेज विभाग के अंतर्गत राज्य के ताज़ा समाचारों को देखा जा सकेगा।
अगर बात मोदी कि ट्विटर पर लिखने की स्टाइल की हो तो ट्विटर पर मोदी अपनी सधी और सीधी लेखनी के लिए जाने जाते हैं। मोदी लिखने के लिए हमेशा वही विषय चुनते हैं जिसका आम जनता से सरोकार हो। अगर मोदी के पेज पर एक नजर डाली जाये तो ये पता चलता है की मोदी हमेशा ही राज्य के विकास और उस विकास की दिशा में किये जाने वाले कामों का ही बखान ट्विटर पर करते हैं। ज्ञात हो की अभी कुछ दिन पूर्व ही मोदी ने अपने ट्विटर पेज पर प्रधानमंत्री और यूपीए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाये थे। साथ ही मोदी ने एस एंड पी रिपोर्ट पर भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था की भारत में इतने संसाधन है की कोई भी बड़ी कम्पनी यहाँ निवेश कर सकती है गौर करने वाली बात ये है की यूपीए ने इस रिपोर्ट का विरोध किया था।












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