पलटी बेदी कहा, पीएम को नहीं पीएमओ को कहा धृतराष्ट्र

अन्ना संदेश यात्रा में वाराणसी पहुंचीं किरण बेदी ने कहा, भ्रष्टाचार में लिप्त 14 कैबिनेट मंत्रियों समेत अन्य प्रकारणों की जानकारी होते हुए भी पीएमओ ने कोई कदम नहीं उठाए। इस आधार पर ही हमने पीएमओ के खिलाफ उक्त टिप्पणी की थी। हमें किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं। बेदी ने कहा, व्यक्तिगत तौर पर मैं डॉक्टर मनमोहन सिंह का सम्मान करती हूं यह बहुत योग्य व्यक्ति हैं, लेकिन आसपास के घटनाओं की जानकारी यदि उन्हें नहीं है तो इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ही धृतराष्ट्र की भूमिका में है। बेदी ने एक बार फिर सरकार को ललकारा भी। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री उनपर चौतरफा हमले कर रहे हैं। हालांकि वह हताश नहीं हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम अन्ना हर जांच के लिए तैयार है, पर प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट के 14 आरोपी मंत्री और 163 दागी सांसदों की भी जांच कराएं। हालांकि किरण बेदी ने सीबीआई जांच से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का सीबीआई पर जोर चलता है इसलिए इस एजेंसी पर मुझे विश्वास नहीं है। सरकार किसी अन्य एजेंसी से जांच कराए जिससे दूध का दूध औऱ पानी का पानी हो जाए।
उन्होंने कहा कि अन्ना टीम ने 14 कैबिनेट मंत्रियों का कच्चा चिट्ठा प्रधानमंत्री व सोनिया गांधी को उपलब्ध कराया और विशेष जांच दल से इसकी जांच की मांग की, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। कोयले की खदानों में 5 लाख हजार करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। यह टीम अन्ना ने नहीं कहा बल्कि सरकार की ही एक संस्था कैग ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। इसलिए टीम अन्ना इस बात की एक बार पुनः मांग करती है। संवाददाताओं से बात करने के बाद वह राजघाट स्थित सर्वसेवा संघ में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची और उन्हें जनलोकपाल के मुद्दे पर 25 जुलाई को शुरू होने वाले अनशन में भाग लेने के लिए कहा।












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