यूपी में गुस्साए बाबू ने अधिकारी को जूतों से मारा

मुख्य विकास अधिकारी बांदा वीरेश्वर सिंह कि माने तो अर्थ एवं संख्या विभाग के उपनिदेशक राजाराम यादव समीक्षा बैठक के सिलसिले में अपने कार्यालय में बैठे थे, उसी वक्त इसी विभाग का लिपिक मनोज कुमार अचानक कार्यालय में घुस गया और दरवाजा बंद कर अधिकारी की पिटाई शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर कई अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे और बीच बचाव किया।
पुलिस में लिखाई गई रिपोर्ट में उपनिदेशक राजाराम यादव ने आरोप लगाया कि आरोपी बाबू के खिलाफ शासन को एक पत्र लिखा गया था जिससे नाराज होकर उसने इस घटना को अंजाम दिया।वहीँ इस पूरे मामले पर शहर कोतवाल उमाशंकर यादव का कहना है कि तहरीर के आधार पर बाबू के खिलाफ अधिकारी की जूतों से पिटाई करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का अभियोग दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था इस कदर चरमरा गयी है की अपराधी किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले तनिक भी नहीं सोचते। ये तो बात रही अपराधियों कि सरकारी अमले में भी कुछ ऐसा ही हाल है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि बड़े बड़े दावे ठोंकने वाली युवा अखिलेश की यूपी में क्या फिर से कानून व्यवस्था कायम हो पायगी ? इस सवाल का जवाब आप नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं।












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