कर्नाटक में सत्ताधारी पार्टी के विधायक भ्रष्टाचार में दोषी, जेल

अदालत ने संपांगी के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी करने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया। आपको बताते चले की कर्नाटक के ये संपांगी कोलार गोल्डफील्ड विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
गौर करने वाली बात ये है की बीजेपी विधायक वाई संपंगी को 29 जनवरी 2009 को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। संपंगी पर आरोप थे कि उन्होंने फारूक अहमद नाम के एक व्यापारी से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। संपंगी ने ये पैसे फारूक के खिलाफ थाने में एक केस को बंद कराने के लिए मांगे थे।
फारूक ने विधायक द्वारा कही गयी इस बात को गंभीरता से लिया और इसके बारे में लोकायुक्त पुलिस को बताया जिसके बाद विधायक संपंगी को रंगे हाथ लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त अदालत में संपंगी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। ये लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़ा गया पहला हाईप्रोफाइल मामला था।
संपंगी को कुछ माह बाद अदालत ने जमानत भी दे दी लेकिन कुछ समय बाद फारूक को धमकाने की शिकायत पर संपंगी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही संपंगी को छोड़ दिया गया था। महत्वपूर्ण बात ये है कि राज्य विधानसभा की एक विशेष कमेटी ने 2010 में इस केस को बंद करने की सिफारिश की थी। कमेटी का मानना था कि व्यापारी विधायक के खिलाफ झूठे आरोप लगा रहा है।
गौरतलब है की राज्य में सत्ताधारी दल के लिए ये फैसला एक और झटका साबित हो सकता है जहां इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री बी एस यदुरप्पा समेत कई बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।












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