भारतीय सेना में आईएसआई की घुसपैठ

सूत्रों के अनुसार इस मामले का पर्दाफाश राज्स्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक ऑपरेशन के जरिये किया था, और क्लर्क पकड़ा गया। उसके साथ ही पकड़े गये सीडी, पेन ड्राइव और अन्य अहम दस्तावेज बरामद हुए है। यह क्लर्क शिवदसान केरल का रहने वाला है। ऐसा भी खबर है क उसने दुंबई में अपने एक रिश्तेदार को भी महत्वपूर्ण दस्तावेज बेचने का ऑफर दिया था।
सेना में जासूसी की यह पहली खबर नहीं है, लेकिन चौकाने वाला तो यह था कि शिवदसान के पास जो जानकारियां थी उसको पाकर आईएसआई भारत में तहलका मचा सकता था। अभी इस मामले की पूरी छानबीन चल रही है। शिदान सेना के अभियान, सैन्य तैनाती और सेना मुख्यालय के बड़े अधिकारियो के बीच की बात-चीत को आईएसआई के हवाले करने वाला था।
आरोपी क्लर्क तकनीकी प्रभाग (टीएसडी) में काम कर रहा था। इस यूनिट के मुखिया कर्नल बख्शी है। यह यूनिट पहले भी गलत तरीके से जासूसी करवाने के आरोप के चलते विवादो में रह चुकी है। सोचने वाली बात है कि अगर क्लर्क सूचना देते हुए पकड़ा गया है तो क्या गारंटी है कि इससे पहले भारतीय सेना की सूचना आईएसआई के हाथ नहीं लगी है।












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