कपिल सिब्बल को कोर्ट में घसीटने की तैयारी में आईआईटियंस

वहीं खबर है कि विरोध में उतरे कुछ लोग इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में शुक्रवार को आईआईटी प्रोफेसरों और पूर्व छात्रों की एक बैठक हुई। जिसमें फैसला किया गया कि वे कुछ दिनों में ही कॉमन एंट्रेंस के खिलाफ देशभर की अदालतों में पीआईएल दाखिल किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र संगठन के अध्यक्ष सोमनाथ भारती ने कहा, 'आईआईटी के पूर्व छात्र एक हफ्ते के अंदर देशभर के हाई कोर्टों में पीआईएल दाखिल करेंगे। संगठन कोशिश करेगा कि इस पर सुनवाई जल्द से जल्द हो और कॉमन टेस्ट को 2014 तक टाल दिया जाए।'
उधर, कानपुर में आज होने जा रहे दीक्षांत समारोह के विरोध में उतरे आईआईटी कानपुर के कुछ सीनेट सदस्यों को मनाने की कोशिशें जारी हैं। गवर्निग बॉडी के चेयरमैन और निदेशक संजय धांडे ने उनसे फिर अपील की है कि वे प्रस्तावित विरोध को वापस लेलें पर चर्चा है कि विरोध में उतरे सीनेट सदस्य ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। यही नहीं आईआईटी के पूर्व छात्रों के समूह ने भी नए टेस्ट का विरोध किया है।
सीनेट के कड़े रुख को लेकर निदेशक धांडे और आईआईटी के चेयरमैन आनंद कृष्णन बेहद चिंतित दिखे। उन्होंने छात्रों के हित में विरोध वापस लेने की अपील की है। विरोध कर रहे शिक्षकों ने कहा कि वे समारोह की वेशभूषा में नहीं आएंगे।
उधर, ऑल इंडिया आईआईटी फैकल्टी फेडरेशन के सेक्रटरी ए.के. मित्तल ने कहा कि आईआईटी से जुड़ा हर कोई मंत्रालय के इस फैसले से आहत है। हमने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर इस फैसले का विरोध जताया है और फिलहाल इसे टालने की गुजारिश की है। उधर, मानव संसाधन मंत्रालय भी मामले को शांत करने की कोशिशों में जुट गया है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि यह मामला कोर्ट तक न पहुंचे।












Click it and Unblock the Notifications