बेंगलूरु के किसान ने एक पेड़ पर उगाईं आम की 12 प्रजातियां

बेंगलूरु से करीब 50 किलोमीटर दूर टुमकुर रोड स्थित नेलेमंगला तालुक में अरलेडिब्बा गांव में इस पेड़ को उगाने वाले किसान सिद्धेराजू ने वनइंडिया से खास बातचीत में अपनी इस सफलता की कहानी बयां की। 45 वर्षीय सिद्धेराजू ने बताया कि करीब साढ़े तीन साल पहले उन्होंने अपने घर के बगल में लगे आम के पेड़ पर यह प्रयोग करना शुरू किया।
उन्होंने आम की तरह-तरह की प्रजातियों की टहनियां काट कर उनकी ग्राफ्टिंग की और इस पेड़ से जोड़ते गये। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें अपने परीक्षण के परिणाम मिलने शुरू हो गये। आज आलम यह है कि इस एक पेड़ पर 12 प्रजातियां हैं- टोटापुरी, बादामी, सक्केरेगुट्टी, मल्लिका, कोबरिकावी, सिंधूरी, बैगमपल्ली, आम्रपाली, दशहरी, रसपुरी, बनिशा और मालागोबा।
सच पूछिए तो सिद्धाराजू देश के उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं, जो कृषि के क्षेत्र में जाना चाहते हैं। सिद्धेराजू पहले एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। 1987 में उन्होंने नौकरी छोड़ कर सरकार से 60 हजार रुपए का ऋण लिया और खेती शुरू कर दी। वो मुख्य रूप से शिमला मिर्च (लाल और पीली), धान और सब्जियों की खेती करते हैं। अब उन्होंने आम के 30 पेड़ लगाये हैं, जो फिलहाल अभी छोटे हैं, लेकिन सिद्धाराजू की मेहनत एक दिन जरूर रंग लायेगी जब ये पेड़ भी फल देना शुरू करेंगे।












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