1.60 रुपए प्रति लीटर तक घट सकते हैं पेट्रोल के दाम

देश भर में सरकार के प्रति फैसे आक्रोश को देखते हुए ऑयल कंपनियों ने शाम को समीक्षा बैठक बुलाई। जिसमें तेल के दाम घटाने का फैसला लिया गया। इससे पहले पेट्रोल के दाम बढ़ोत्तरी को लेकर देश भर में बंद के साथ हाहाकार मचा हुआ था। कहीं बसें फूंकी जा रही थी तो कही ट्रेनों को रोका जा रहा था। पेट्रोल के दाम में 2 रुपये कमी होने की आशंका थी।
पेट्रोल के दाम 1.60 रुपए प्रति लीटर घटाने के फैसले से जनता में कोई विशेष खुशी नहीं है, क्योंकि प्रति लीटर दाम घटाने के बाद भी बढ़ा हुआ मूल्य लोगो की जेबो पर अभी भी भारी है। पेट्रोल का मूल्य 7.50 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया गया था जोकि पिछले 10 साल सालों की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी थी। बढ़े हुए पेट्रोल के दामों को लेकर आम आदमी अभी भी आक्रोश में उबल रहा है।
पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सरकार ने कहा था कि डॉलर की मुकाबले गिरते रुपये के कारण पेट्रोल का दाम बढ़ाना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उतार-चढ़ाव से पेट्रोल के दाम बढ़ते हैं, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं। अब आपको बता दे की कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का भाव 125 डॉलर प्रति बैरल था, और इस समय 90 डॉलर प्रति बैरल हैं।
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल के दामों में भारी गिरावट, और भारत में भारी बढ़ोत्तरी से ऐसा प्रमाणित होता है कि हमारी सरकार का जुड़ाव जनता से किस कदर है।












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