वीके सिंह होंगे विदा, बिक्रम सिंह की होगी ताजपोशी

बिक्रम सिंह पूर्वी कमान से सेनाध्यक्ष पद पर पहुंचने वाले पांचवें जनरल हैं। वीके सिंह भी पूर्वी कमान के ही कमांडर थे। एक साक्षात्कार में ब्रिक्रम सिंह ने कहा फौज को किसी भी चुनौती के लिए तैयार करना अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। हालांकि इसके पीछे वीके सिंह ही हैं जिन्होंने सेना के खस्ताहाल पर प्रश्न उठाया था। सिख लाइट इंफैंट्री में 1972 के कमीशन अधिकारी बिक्रम सिंह अगस्त, 2014 तक सेनाध्यक्ष रहेंगे। अपनी 40 बरस की सैन्य सेवा में सिंह उत्तरी कमान में कोर कमांडर और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
उन्हें परम विशिष्ट सेवा, उत्तम युद्ध सेवा, अतिविशिष्ट सेवा और सेना मैडल जैसे अलंकरणों से नवाजा जा चुका है। उधर, सेवानिवृति से एक दिन पहले जनरल वीके सिंह ने स्वयं से जुड़े विवादों को यह कहते हुए कमतर करने का प्रयास किया कि उनके और रक्षा मंत्रालय के बीच कोई गलतफहमी नहीं है। जनरल सिंह ने साथ ही यह भी कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी का सशस्त्र बलों को समर्थन को लेकर बहुत ही स्पष्ट रुख है। एक संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा, हमारे और रक्षा मंत्रालय के बीच कोई गलतफहमी नहीं है। सेना सरकार का हिस्सा है। हम जो भी कहते हैं, उस पर गौर किया जाता है। कभी-कभी आप सोचते हैं कि चीजों में विलंब हो रहा है, क्योंकि कोई उस पर ध्यान नहीं दे रहा है। यह सही नहीं है और ऐसा नहीं है।












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