एक वक्त की रोटी के लिये बहू-बेटियों के जिस्म का सौदा

ये लड़कियां दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर तक जिस्मफरोशी के बाजारों में पहुंच रही है। इज्जत बेचकर लड़कियां जो पैसे ला रही हैं किसान उसे खेती बचाने में लगा रहा है मगर कुदरत की मार के सामने खेती भी नहीं हो पा रही है। आईबीएन 7 न्यूज चैनल पर दिखाये गये खबर की माने तो एक पीड़ित ने बताया कि खेती के लिए पैसे की जरूरत थी और इसके लिए उन्होंने अपनी बेटी को मुंबई भेज दिया। जो पैसा आया उसे खेत में लगाया लेकिन फसल खराब हो गई और वे कंगाल हो गए।
इसी इलाके में एक 18 साल की लड़की ने छोटी सी उम्र में ही जिस्मफरोशी की घिनौनी दुनिया देख ली है और अब उसके मन में सरकार के लिए जबरदस्त गुस्सा भर गया है। ऐसे ही कुछ परिवारों की महिलायें दिल्ली के दलालों के हाथों से बड़ी मुश्किल से छूटकर वापस घर पहुंच पाई हैं लेकिन भूख और गरीबी ने यहां उनका जीना हराम कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि इनमें से कुछ महिलाएं एचआईबी की शिकार हो चुकी हैं।
अनंतपुर आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके के उन चार जिलों में है जहां पिछले दस साल से सूखा पड़ रहा है। सरकारी योजनाएं फाइलों की शोभा बढ़ा रही हैं, जिनका जमीन पर कोई वजूद नहीं दिखाई देता जबकि किसानों के हिमायती राज्य सरकार के मुखिया किरण कुमार रेड्डी इसी इलाके हैं फिर भी यहां के लोगों की सुनने वाला कोई नहीं।












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