आरोप सिद्ध हुए तो पब्लिक लाइफ जीना छोड़ देंगे मनमोहन

सबसे पहले हम आपको बता दें कि टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण ने सोमवार को प्रधानमंत्री की तुलना महाभारत के शिखंडी से की थी। शिखंडी वो था जिसे न तो नर में गिना जाता था न नारी में। प्रशांत भूषण ने कहा था कि यह जानते हुए भी कि 50 फीसदी मंत्री भ्रष्ट हैं प्रधानमंत्री उन्हें एक से बढ़कर एक जिम्मेदारियां दे रहे हैं। इससे उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े होते हैं।
गाजियाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा था कि भ्रष्ट नेताओं जिमनें कई कैबिनेट नेता भी शामिल हैं, उनके खिलाफ एक स्वतंत्र संस्था से जांच करानी चाहिये। ऐसी संस्था जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं हो। प्रशांत भूषण ने यह भी कहा था कि अगर प्रधानमंत्री पूरी तरह पाक साक हैं तो जांच क्यों नहीं करवाते।
इस पर प्रधानमंत्री भ्रष्ट नेताओं की ढाल बन रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान यूपीए सरकार भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह ईमानदारी बरत रही है। टीम अन्ना ने पहले भी 14 मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं। हालांकि सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए किसी भी जांच से इंकार कर दिया है।
यहां पर हमारा सवाल यह है कि पीएम साहब का यह बयान सिर्फ इतना दर्शा रहा है कि वो खुद को पाक मानते हैं, लेकिन अगन वो वाकई में भ्रष्ट नहीं हैं तो जांच क्यों नहीं करवाते।
अब आपको क्या लगता है, क्या वाकई में प्रधानमंत्री पूरी तरह पाक साक हैं। आप अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।












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