तिवारी को देना पड़ा खून, रोहित के डीएनए से होगा मिलान

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही को गोपनीय रखने की याचिका को खारिज कर दिया। सुबह लगभग 10 बजे जिला जज, दिल्ली हाईकोर्ट के सब रजिस्टार के साथ लंबे चौड़े काफिले के साथ पहुंचे। इसके बाद याचिकाकर्ता रोहित शेखर और उनकी मां उज्जवला शर्मा भी तिवारी के आवास पर पहुंचे, लेकिन कोर्ट के अंदर जाने के इजाजत केवल शेखर को ही दी।
इससे पहले कोर्ट ने तिवारी से कहा था कि वह अपने खून का नमूना दे जिसके कारण यह साफ हो सके की रोहित शेखर की बातों में कितना दम है। शीर्ष अदालत ने तिवारी की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि 88 साल की उर्म होने की वजह से नमूना देने के लिए वह सक्षम नहीं है।
उसके बाद कोर्ट ने तिवारी को रक्त का नमूना देने के लिए 29 मई को दूहरादून स्थित अपने आवास पर रहने का निर्देश दिया था। याचिका कार्ता रोहित शेखर ने सन 2008 में पितृत्व मुकदमा एन डी तिवारी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर किया था। इस याचिका में तिवारी को बॉयोलॉजिकल पिता घोषित करने का निर्देश देने की मांगी की गई थी।
तिवारी के खून को नमूना इसी सिलसिले में लिया जा रहा है। इससे पहले रोहि के खून का नमूना लिया जा चुका है। अब देखना है कि इस मामले में तीवारी की विरासत बदलती है या वसीयत।












Click it and Unblock the Notifications