एक हाथ से देकर शीला ने दूसरे हाथ से झटक लिया

दिल्ली सरकार ने सोमवार को अपना आम बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने आम आदमी का तो कहने के लिए ध्यान रखा पर वास्तव में उन्होंने कुछ खास ख्याल नहीं रखा। वैसे शीला सरकार ने इस आमलोगों का बजट करार दिया है पर उन्होंने एक बड़ा टैक्स जनता पर डाल दी है।
शीला ने पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों पर वैट में छूट दी है। 73.18 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला पेट्रोल अब 1.26 रुपये सस्ता हो गया है। लेकिन मुख्यमंत्री ने सीएनजी पर पहली बार 5 फीसदी वैट लगा दिया। यानी 35.47 रुपये प्रति किलो से सीएनजी की कीमत अब 37.27 रुपये प्रति किलो हो जाएगी। पर मुख्यमंत्री का कहना है कि सीएनजी पर टैक्स लगने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। पर आपको बता दें कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन सीएनजी के भरोसे हैं औऱ सीएनजी के दाम बढ़ने से सबसे पहले बसों और आटो में सफर करने वालों को ज्यादा दाम चुकाने होंगे। वहीं आज आटो यूनियन ने मांग की है कि अब किराए की पुनर्समीक्षा की जाए क्योंकि अब सीएनजी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है।
यानी शीला दीक्षित ने एक हाथ से रियायत देकर दूसरे हाथ से उसकी कीमत भी वसूल ली। वहीं गरीबों की बीडी भी महंगी हो गई है। क्योंकि सरकार ने इसपर भी वैट 5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दी है। वैसे बजट में संपूर्ण विकास पर जोर दिया गया है। कोशिश है कि प्रशिक्षित युवाओं को सरकार ज्यादा मदद देगी। वहीं सरकार ने DTC को चुस्त दुरुस्त करने के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। यानी ये रकम आपकी ही पाकेट से आएगी। वैसे सरकार आपको ब्लू लाइन बसों की कहर से बचाने के लिए जरूर आगे आई है। वह अब ब्लूलाइन बसों की जगह क्लरस्टकर बसें चलाएगी। सार्वजनिक परिवहन पर दिल्ली सरकार ने खास ध्यान रखा है। दिल्ली् में सरकार मेट्रो का और विस्ता र करेगी। वहीं यमुना पार में मोनो रेल का प्रयोग करेगी। भाजपा शासित तीनों एमसीडी के लिए सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का बजट दिया है। हालांकि यह बजट कुछ खास नहीं है।
यही परिणाम है कि भाजपा बजट भाषण के बीच में ही चलती बनी। शीला ने भीडभाड़ औऱ जाम से मुक्ति के लिए बाहरी रिंग रोड को सिग्नरल फ्री करने का प्रस्ताव किया है। वहीं अल्पबसंख्य क छात्रों पर उसका खास ध्यान है और अब सरकार उन्हें स्कॉ लरशिप देगी। यानी मुसलमानों को रिझाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाया है। पिछड़े इलाकों में हेल्था केयर सुविधाएं बहाल करने के साथ ही गरीबों के इलाज में सरकारी मदद का प्रस्ताव सरकार ने किया है। जिससे गरीबों पर खास मेहरबानी दिखे। वहीं अनाजश्री योजना की शुरुआत कर झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों पर खास नजरें इनायत की है। गरीबों के अकाउंट में 600 रुपये महीना देने के साथ ही केरोसिन पर 2000 रुपये एकमुश्ती सब्सिडी देने का प्रस्ताव है।
लड़कियों की शादी के लिए सरकारी मदद के साथ चाचा नेहरू बाल सेहत योजना के तहत ज्यालदा पैसे औऱ एचआईवी पीडि़त को हर महीने 1 हजार रुपये देकर सरकार इन्हें भी लुभाना चाहती है। जनकपुरी में सरकार सुपर स्पेतशलिटी अस्पनताल खोलने के साथ ही दिल्लीै में 9 नए अस्परतालों के निर्माण के प्रस्ता व हैं। पर ये सारे प्रस्ताव केवल चुनावी हैं। इसमें सरकार किन किन को लागू कर पाती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा पर सरकार की योजना है कि किसी तरफ से विधानसभा चुनाव की नैया पार हो जाए।












Click it and Unblock the Notifications