लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही अन्ना हजारे का आंदोलन शुरू

लोकसभा में आठ बार पेश किए जाने के बावजूद लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो सका है। अगर विधेयक पहले पारित हो गया होता तो आधे मंत्री सलाखों के पीछे होते। लोकायुक्त विधेयक पर अपने राज्यव्यापी दौरे के दौरान एक रैली में उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 अब या कभी नहीं के समान होगा।
यदि तब तक मजबूत लोकपाल नहीं आता है तो मैं देश भर का दौरा करूंगा और लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही रामलीला मैदान (दिल्ली में) रहूंगा। सामाजिक कार्यकर्ता ने पिछले साल अपने लोकपाल आंदोलन को नाकाम करने के लिए गृह मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया। विधानसभा चुनाव में तो टीम अन्ना का आंदोलन ढ़ीला पड़ता नजर आ रहा था।
दूसरी तरफ टीम अन्ना द्वारा कथित भ्रष्टाचार के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाना बनाए जाने के एक दिन बाद अन्ना हजारे ने केहा कि प्रधानमंत्री ईमानदार व्यक्ति हैं। पंढारपुर में संवाददाताओं के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक ईमानदार व्यक्ति हैं, हालांकि उनकी कैबिनेट में कुछ मंत्री भ्रष्ट हैं।
टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और प्रधानमंत्री के साथ ही 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने के लिए एक विशेष जांच टीम को लेकर कल मनमोहन सिंह को एक चिट्ठी लिखी थी। अन्ना हजारे ने कहा कि टीम की कोर कमिटि नयी दिल्ली में तीन जून और चार जून को बैठक कर सकती है।












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