मिलेनियम सिटी में भी 10 घंटे बिजली नहीं
दिल्ली
(ब्यूरो)। कहने को मिलेनियर सिटी गुड़गांव। पर यहां भी 10 -10 की बिजली कटौती। यानी मिलेनियर सिटी में भी नो बिजली, नो पानी, केवल त्राहि-त्राहि। गर्मी इस समय चरम पर है। ऐसे में दिल्ली औऱ एनसीआर में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। दिल्ली में जहां कुछ घंटे की कटौती है वहीं गुडगांव, गाजियाबाद और नोएडा में कुछ ही घंटे बिजली आ रही है। सबसे बुरा हाल गुड़गांव का है जहां 10 घंटे की कटौती की जा रही है वहीं इस समय पानी की कमी के कारण त्राहि त्राहि मचा हुआ है। इस समय गुड़गांव में पानी की कमी से 65 कालोनियां जूझ रही हैं। यहां के लोगों का कहना है कि उसने पिछले 11 सालों में ऐसी बदइंतजामी नहीं देखी है। id="toptextpromo">वहीं
हरियाणा में बिजली भी कटौती सभी शहरों में की जा रही है पर इससे सबसे ज्यादा शिकार गुड़गांव है। एक अधिकारी ने बताया कि कोयले की कमी के कारण तापविद्य़ुत केंद्र जहां ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं वहीं कुछ लोकल फाल्ट ने शहर की बिजली व्यवस्था को चौपट कर दिया है। गुडगांव के ही रहने वाले बीके अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय बिजली कटौती के कारण जेनरेटर सेट के लिए डीजल की खपत में पिछले एक महीने में तीन गुना की वृद्धि हुई है। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि गुडगांव में 24 घंटे में कम से कम हर इलाके में 8 घंटे की कटौती हो रही है। आपको बता दें कि गुड़गांव में मौजूदा बिजली की मांग 200 लाख यूनिट है, जबकि आपूर्ति 170 लाख यूनिट ही है। उसमें भी लोकल फाल्ट इस समय कुछ ही मेहरबान रहते हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>सूत्रों
ने बताया कि यमुनानगर की ताप विद्य़ुत संयंत्र जो कि 300 मेगावाट यूनिट पैदा करती है कोयले के कारण बंद है वहीं झज्जर में भी एक 600 मेगावाट क्षमता की इकाई बिजली पैदा नहीं कर रही है। हालांकि बिजली मंत्री ने आशा जतायी है कि यह दो महीने के भीतर ठीक कर लिया जाएगा। वैसे राज्य को कोयले की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पानी का संकट से भी गुडगांव को दो चार होना पड़ रहा है। सबसे अधिक प्रभावित इलाका डीएलएफ 1 और 3 है जहां पानी सबसे कम मिल पा रहा है जिससे इस मिलेनियर सिटी में हाहाकार है।











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