पेट्रोल के दाम घटे नहीं, डीजल के दाम बढ़ाने की कवायद शुरू

सी रंगराजन ने कहा, डीजल और एलपीजी के दामों में भी इजाफा करने का प्रस्ताव था, लेकिन अभी यह संभव नहीं हो सका। हालांकि प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि पेट्रोल के दामों से मुद्रास्फीति दर पर असर पड़ेगा। उन्होंने यह स्वीकार किया कि डीजल और एलपीजी के दामों में इजाफे का असर मुद्रास्फीति दर पर पड़ेगा।
रंगराजन ने कहा कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डीजल और पेट्रोल के दामों में इजाफा जरूरी है, जिससे राजकोषीय घाटा कम होगा। आपको बता दें कि सरकार ने 23 मई को ही पेट्रोल की दामों में अब तक की सबसे बड़ी बढोतरी 7.50 रुपये प्रति लीटर की है। जिसका सरकार के भीतर और बाहर दोनों मोर्चे पर विरोध हो रहा है।
सरकार इस कवायद में जुटी है कि इस बढोतरी को कैसे कम किया जाए ऐसे में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार का यह बयान विरोधियों पार्टियों को और हमला करने के लिए उकसाने जैसा है। हालांकि अभी तक सी रंजराजन के बयान पर किसी पार्टी की प्रतिक्रिया नहीं आई है। पर माना जा रहा कि विपक्षी पार्टियों और आम जनता को सी रंगराजन का बयान रास नहीं आएगा।












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