यूपी- सोनभद्र में दो कुख्यात इनामी नक्सली गिरफ्तार

राज्य के पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था बद्री प्रसाद ङ्क्षसह बताया कि कल रात पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को सूचना मिली कि कुख्ख्यात अन्तर्राज्यीय नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा अपने गिरोह के साथ चोपन इलाके में पड़ाव डाले हुए है। पुरा गिरोह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 148 बटालियन के साथ जंगल में घेराबन्दी कर काङ्क्षम्बग प्रारम्भ कर दी। तड़के नक्सलियों व पुलिस का आमना सामना हो गया।
दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं काफी देर तक चली मुठभेड़ में दो नक्सली पकड़े गये। गिरफ्तार किए गये नक्सलियों ने अपना नाम मुन्ना विश्वकर्मा निवासी सामाबांध कम्हारडीह राबट्र्सगंज जबकि दूसरे ने अजीत कोल उर्फ हरिशंकर कोल निवासी सोनाइत जिला चन्दौली बताया।
प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक एसएलआर, एक कार्बाइन नौ एमएम, एक रायफल 303 बोर, एक पिस्टल 32 बोर, एक रायफल 315 बोर फैक्ट्रीमेड, एक वाकी-टाकी हैण्डसेट व बडी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार मुन्ना विश्वकर्मा के विरूद्ध चन्दौली व सोनभद्र जिलों के विभिन्न थानों में 24 व अजीत कोल के विरूद्ध 20 आपराधिक मामले पंजीकृत हैं।
मुन्ना विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दो लाख रूपये जबकि बिहार सरकार की ओर से एक लाख रूपये तथा अजीत कोल की गिरफ्तारी पर 50 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित था। पुलिस ने बताया कि इन नक्सलियों द्वारा 20 नवम्बर 2002 को चन्दौली जिले के थाना नौगढ़ क्षेत्र के हिनौता में बीस नवम्बर 2004 को बारूदी सुरंग से विस्फोटक बिछाकर 36वीं वाहिनी पीएसी वाराणसी के वाहन को उड़ा दिया था।
इस घटना में एक उप निरीक्षक एक नागरिक पुलिस आरक्षी व 14 पीएसी कर्मी शहीद हुए थे। उनके शस्त्र लूट लिये गये थे। इसके अलावा चन्दौली के थाना नौगढ़ क्षेत्र में मजगांई स्थित वन प्रभाग के कार्यालय को बम विस्फोट से उडा दिया था जिसमें तीन वनकर्मी मारे गये थे। इन नक्सलियों ने नौ दिसम्बर 2009 की रात में थाना कोन क्षेत्र के शिव प्रकाश उर्फ डब्ल्यू कुशवाहा की सिर को कलम कर हत्या कर दी थी।












Click it and Unblock the Notifications