अन्ना हजारे का स्वास्थ्य खराब, अस्पताल में भर्ती

टीम अन्ना की तरफ से बताया जा रहा है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर बात नहीं है। इसके साथ ही बुधवार की शाम अन्ना हजारे यहां पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे। भ्रष्टाचार इकाई की अध्यक्ष पीबी करंजकर ने कहा कि थकान और कमजोरी के कारण अन्ना हजारे नंदरबाज जिले का दौरा नहीं कर पाएंगे।
भ्रष्टाचार और लोकपाल विधेयक के मुद्दे को लेकर अन्ना हजारे पूरे मई महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। इससे पहले भी जनवरी माह में अन्ना हजारे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके कारण उनको पांच राज्यों में किये जाने वाले दौरे को रद्द करना पड़ा था।
गौरतलब है कि इससे पहले लोकपाल विधेयक को प्रवार समिति में भेजे जाने के कारण अन्ना हजारे को नये आंदोलन करने का मौका मिल गया है। कांग्रेस के साथ ही अब भाजपा को भी अन्ना हजारे ने अपने लपेटे में ले लिया है। अन्ना का कहना है कि लाल कृष्ण आडवाणी देश भर में कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ रथ यात्रा निकालते है, लेकिन लोकपाल जैसे संवेदनशीन मुद्दे पर वह अपनी चुप्पी साधे हुए है।
लोकपाल को टालने के खिलाफ 25 जुलाई को एक बार फिर टीम अन्ना जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करेगी, लेकिन इस बार अन्ना के घेरे में केवल यूपीए सरकार ही नहीं बल्कि भाजपा जैसे दल भी है। भाजपा नेता संसद में यह कहते नजर आये कि एक बिल जो संसद में 47 साल से लटका पड़ा है उससे संसद की गरिमा धूमिल हो रही है, लेकिन किसी का भी खुलकर लोकपाल पर समर्थन नजर नहीं आया।
अन्ना ने खुलकर तो नहीं लेकिन उनके बातों से यह झलकने लगा है कि अब वे सारी पार्टी को एक जैसे समझने लगे है। काफी समय तक भाजपा लोकपाल बिल के समर्थन में नजर आई है। आगामी 1 जुलाई को अन्ना हजारे सहित उनकी टीम लोकपाल बिल के समर्थन के लिए लालकृष्ण आडवाणी से मिलने वाली थी।
राज्ययभा में लोकपाल के ध्वनिमत पास होने के बाद टीम अन्ना ने एलान किया है कि वो प्रस्ताव को टालने वाले इस कदम के खिलाफ 25 जुलाई से एक बार फिर जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करेंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बार अन्ना हजारे स्वास्थ खराब होने के कारण केवन धरने पर बैठेंगे, अनशन में शामिल नहीं होंगे।












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