माया, ममता और करुणानिधि का मनमोहन की डिनर पार्टी से किनारा
दिल्ली।
केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सत्ता में तीन साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने आवास पर एक डिनर पार्टी का आयोजन किया है। इस पार्टी के जरिये यूपीए 2 जहां अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है वहीं दूसरी तरफ सरकार के कुछ अपने ही उससे खफा है और डिनर में शामिल ना होने का निर्णय लिया है। पहले तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी फिर डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि और अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने व्यवस्तता का हवाला देते हुए डिनर में ना शामिल होने का निर्णय लिया है। id="toptextpromo">गौरतलब
है कि यह तीसरी बार है जब ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के डिनर में शामिल नहीं होंगी। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि पश्चिम बंगाल को उनकी मांगों के मुताबिक आर्थिक मदद नहीं मिली है जिससे ममता पहले से ही काफी नाराज हैं। वहीं रेल मंत्री और टीएमसी महासचिव मुकुल रॉय ने कहा है कि ममता बनर्जी को डिनर पार्टी के लिए निजी तौर पर निमंत्रण भेजा गया था। लेकिन पहले से व्यस्तता की वजह से वे इस पार्टी में शामिल नहीं हो पा रही हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>वहीं
डीएमके प्रमुख करुणानिधि भी इस आयोजन में नहीं आ रहे हैं। उनकी पार्टी का कोई भी नहीं आएगा। करुणानिधि के डिनर पार्टी में शामिल ना होने की वजह का खुलासा नहीं हुआ है। वहीं केंद्र सरकार को बाहरी समर्थन दे रही मायावती यूपीए की सफलताओं को बसपा विफलता के साथ जोड़ कर देख रही हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो शायद यहीं कारण है कि मायावती भी इस डिनर पार्टी में शामिल नहीं होगी।











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