घोटालों की जांच से बौंखलाईं मायावती

प्रेसवार्ता बुलाकर मायावती ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की कानून व्यवस्था लचर है जहां प्रदेश में नयी सरकार के आने के बाद सिर्फ 2 महीनों में। आज आम आदमी अपने घर से निकलने के बाद सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा है।
माया ने कहा कि ये पत्रकारवार्ता उत्तर प्रदेश के गुमराह हो चुके लोगों को रास्ता दिखाने के लिए बुलाई है में कानून व्यवस्था की स्थिति दयनीय है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन पर बे बुनियाद इल्जाम लगा रहे हैं। सपा सरकार हमेशा से ही दलित विरोधी रही है जिसने बीती 11 मई को उनकी 26 योजनाओं को समाप्त कर ये प्रमाण दे दिया है अपनी योजना के बारे में बताते हुए मायावती ने कहा की ये सभी योजनाएं प्रदेश के दलितों, पिछड़ों, और गरीब आदमी के हित में थी।
साथ ही मायावती ने प्रदेश की सपा सरकार को बैठकों और घोषणाओं की कागजी सरकार बताते हुए कहा की इस सरकार के शासनकाल में सिर्फ कमरे के अंदर बैठ के परियोजनाएं बन रही है जिनको अमली जमा नहीं पहनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए मायावती ने कहा की आज उत्तर प्रदेश में सपा अपराध का दूसरा नाम बन गयी है जहां पुलिस भी सरकार के सामने मजबूर है कारण है की प्रदेश के अपराधियों , माफियाओं को मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है।
अखिलेश के चुनावी घोषणा पत्र पर सवाल उठाते हुए मायावती ने कहा की सरकार ने छात्रों को लैपटॉप, बुनकरों और किसानों को मुफ्त बिजली और मुसलामानों को 18 % आरक्षण, आदि की बात कही थी। इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया। मायावती ने अखिलेश की इन योजनाओं को सिर्फ चुनावी लॉलीपॉप का नाम दिया।
अपनी हार के विषय में बताते हुए मायावती ने कहा की बसपा के हारने की मुख्या वजह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने जिन्होंने गलत चुनावी स्टंट को अंजाम दिया था और यदि ये पार्टियां ऐसा न करती तो बसपा को दुबारा सत्ता में लाने से कोई नहीं रोक सकता था ।












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