ईडी की टेढ़ी नजर, निर्मल बाबा की जब्त होगी संपत्ति!

ईडी की नजर अब बाबा की संपत्ति पर भी है, उनकी संपत्ति की भी जांच हो सकती है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लखनऊ में दर्ज हुए एफआईआर का अध्ययन करने के बाद बाबा के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग का मामला दर्ज करने का फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले निर्मल बाबा के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है। बाबा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की 417, 420, 419 और 508 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। इन मामलों में दोषी पाये जाने पर बाबा को 7 साल तक की सजा हो सकती है।
निर्मल बाबा के खिलाफ यह मुकदमा आईपीएस अमिताभ ठाकुर व आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर के बच्चों आदित्य और तान्या ने दर्ज करवाया। एफआईआर दर्ज होने के बाद बच्चों ने बताया कि करीब 25 दिन पहले वे दोनो गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज कराने आये थे। तब पुलिस ने यह कहकर मना कर दिया था कि आप दोनों भुक्तभोगी नहीं हैं। लिहाजा मामला दर्ज नहीं कर सकते। इसके लिए आपको कोर्ट से आदेश लाना होगा।
आईपीएस पिता और एक्टिविस्ट मां के सहयोग से तान्या और आदित्य ने सीजेएम कोर्ट में जाकर मामला दर्ज कराया। वहां कोर्ट ने उनके वकील की दलीलें सुनने के बाद पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये।
जिन धाराओं के तहत मामले दर्ज हुए हैं, उनमें सबसे 508 के अंतर्गत निर्मल बाबा को 3 साल की सजा हो सकती है, जबकि 420 के तहत 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं 417 में दो साल। यानी कुल मिलाकर अगर सभी मामलों में निर्मल बाबा दोषी पाये जाते हैं, तो उन्हें 7 साल तक सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है।
हालांकि इसमें एक प्रावधान यह भी है कि अगर मुकदमा दर्ज कराने वाला व्यक्ति आरोपी की दलीलों को सुनने के बाद संतुष्ट हो जाये और मुकदमा वापस ले ले तो सजा नहीं होगी।












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