मौत को मात देने के बाद दिखाई ईमानदारी

चार साल पहले शहर के विभिन्न इलाकों में बम विस्फोट हुए थे जिनमें 57 लोगो की मृत्यु हो गई थी। मारे जाने वाले 56 लोगो की शिनाख्त हो गई थी, लेकिन एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो पा रही थी। इस घटना के 55 दिन बाद विपुल पटेल के परिवारजनो ने क्लेम किया कि वह विपुल पटेल था, जिसकी शिनाख्त गले में पहने हुए ताबीज से की जा सकी थी। जिसके बाद सरकार नें उन्हे पांच लाख रुपए की मृतक राशि और मुत्यु प्रमाण पत्र दिया था।
हाल में ही सकुशल लौटे विपुल पटेल के घर वालों ने जिलाधिकारी विजय नेहरा को पत्र लिखकर कहा है कि वो मृतक राशि वापस लौटाना चाहते हैं। इस बारे में विजय नेहरा का कहना है कि यह काफी आश्चर्यजनक बात है कि चार साल बाद परिवार का सदस्य वापस आ जाए, साथ ही सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि को वापस करना भी सराहनीय है।
पटेल की वापसी के बाद से ही प्रशासन, उसके मुत्यु प्रमाण पत्र को रद्व करने और कई कागजी कार्यवाही करने में जुट गया है। वहीं दूसरी ओर प्रश्न उठ गया है कि आखिर वो 57 वार्षीय व्यक्ति था कौन जिसके शव की शिनाख्त हुई थी।












Click it and Unblock the Notifications