जानिए क्‍या-क्‍या सुविधाएं मिलती हैं आपके सांसद को

Members of Parliament
दिल्ली (राजेश केशव)। पूरा देश महंगाई से त्रस्त है, लेकिन सांसदों के लिए देश तो लूट का माल है। संसद की कैंटीन में उन्हें डेढ़ रुपये में दाल और 20.50 रुपये में चिकिन करी मिलती है। पूर्व सांसद और विधायक क्यों पीछे रहते। पता चला है कि गाजियाबाद में हरेक पूर्व विधायक और सासंदों के मकान पर 17-17 सफाई कर्मचारी नगर निगम ने तैनात कर रखे हैं, जबकि पूरा शहर गंदगी से परेशान है।

सुविधा पाने वालों में ज्यादातर पूर्व सांसद और विधायक हैं। जो राजनीति जीवन खत्म होने के बाद गाजियाबाद या नोएडा में बस जाते हैं। इसलिए कि यह दिल्ली के करीब है। हैरत की बात है सुविधा लेने में सभी दलों के नेता एक हैं। जिन्हें 17-17 सफाईकर्मी मिले हुए हैं उनमें सभी दलों के नेता शामिल हैं।

सांसदों की सुविधाओं पर नजर डाले तो पता चलता है उन्हें प्रतिमाह वेतन के रूप में 12 हजार रुपये मिलते हैं, दफ्तर में खर्च के लिए उन्हें 14 हजार रुपये मिलते हैं। 3000 रुपये लेखन सामग्री के लिए दिए जाते हैं। संसदीय क्षेत्र के भत्ते के रूप में 10 हजार और 500 रुपये प्रतिदिन संसद के सत्र के दौरान मिलते हैं।

परिवार के सदस्यों के अलावा सहयोगी के साथ देश में कहीं से कहीं तक की प्रथम श्रेणी एसी का पास मिला रहता है। इसके अलावा वे सहयोगी के साथ 40 मुफ्त हवाई यात्रा कर सकते हैं। सांसदों को दिल्ली में रहने के लिए यहां के केंद्रीय इलाके में प्रति माह दो हजार रुपये के किराये पर मकान मिलता है। प्रतिवर्ष 50 हजार यूनिट मुफ्त बिजली के अलावा मुफ्त में पानी मिलता है। हकीकत तो है कि सुविधाओं की बात करें तो इसका अंत नहीं है।

आम लोगों का क्‍या

अब अगर उदाहरण के तौर पर हम गाजियाबाद के लोगों को लें तो यहां सांसद, विधायक व पूर्व सांसद सफाई व्‍यवस्‍था का पूरा लाभ उठा रहे हैं, जबकि शहर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सरकार अब पूर्व सांसदों और विधायकों पर मेहरबान होने लगी है। गाजियाबाद में महानगर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। पुराना गाजियाबाद गंदगी के अंबार में डूबा रहता है। निगम के पास सफाईकर्मी ही नहीं हैं जो रोजाना कूड़े का उठान कर सकें। मजबूरी में प्राइवेट कंपनियों को सफाई व्यवस्था देनी पड़ी।

सरकारी मानकों के हिसाब से देखें तो निगम क्षेत्र में 250 लोगों की सफाई व्यवस्था के लिए एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। गाजियाबाद में 520 लोगों पर एक कर्मचारी काम कर रहा है। वहीं सांसद और विधायकों के यहां 17-17 कर्मचारियों का औसत है।

हालांकि नगर आयुक्त जितेंद्र सिंह कहते हैं कि ऐसे सभी कर्मचारियों को वापस किया जाएगा। नियमों के खिलाफ किसी को कर्मचारियों की सेवा नहीं दी जाएगी। सभी सफाईकर्मी जनता के काम में लगाए जाएंगे, लेकिन यह बस बयान भर है। क्योंकि यह सुविधा सभी दलों के नेताओं को मिली हुई है। इसलिए हर दल इस पर खामोश रहेंगे। कुछ भी नहीं हो सकेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+