'अंडरवियर बम' से अमेरिकी विमान उड़ाने की फिराक में थी अल-कायदा
वॉशिंगटन। 9/11 हमलों की तर्ज पर एक बार फिर अल-कायदा ने अमेरिका पर निशाना साधा था, लेकिन खुफिया एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते यह योजना विफल हो गई। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक अल-कायदा के लड़ाके इस बार अमेरिकी विमानों को "अंडरवियर बम" से उड़ाने की फिराक में थे। साथ ही उनकी योजना विमानों को सीधे किसी बिल्डिंग से क्रैश करने की थी।
अमेरिका ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि यमन में स्थित अल कायदा की इकाई ने यह योजना बनाई थी। इस योजना के अंतर्गत आतंकियों ने किसी भी देश से अमेरिका जाने वाले या पश्चिमी देशों की ओर जाने वाले विमानों को उड़ाने की तैयारी की थी। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई व अन्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों ने इसकी सूचना मिलते ही मुस्तैदी से खोज-बीन शुरू कर दी।
व्हाइट हाउस के मुताबिक इस बात की सूचना राष्ट्रपति बराक ओबामा को तुरंत दी गई थी। और निरंतर उन्हें अपडेट दिये जाते रहे। अंतत: खुफिया एजेंसियों के दस्ते ने 10 दिन के अंदर अंडरवियर बम का पता लगा लिया।
क्या है अंडरवियर बम
अंडरवियर बम एक ऐसा बम है जिसमें व्यक्ति अपने प्राइवेट पार्ट्स के बगल में शरीर के अंदर छिपा सकता है। इसके ऊपर इतनी लेयर्स होती हैं कि एयरपोर्ट पर जांच मशीनें उसे डिटेक्ट नहीं कर पातीं। इस बम में बहुत बड़ा धमाका नहीं होता, लेकिन एक जहाज को उड़ाने के लिए पर्याप्त विस्फोटक सामग्री उसमें होती है। जो बम अमेरिकी दस्ते ने बरामद किया है उस पर यमन अल-कायदा के बम बनाने वाले विशेषज्ञ इब्राहिम हसन असीरी के हस्ताक्षर हैं। खबर है कि वो यमन में ही कहीं छिपा हुआ है।
ओबामा ने की एजेंसियों की तारीफ
उधर बराक ओबामा ने देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि उनकी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, हां थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। साथ ही ओबामा ने उस दस्ते की भी तारीफ की, जिसने इस सर्च ऑपरेशन को सफल बनाया। खबर यह भी है कि पकड़ा गया आतंकी अल-कायदा का डबल एजेंट है और वो पहले आतंकी संगठनों की सूचनाएं इधर से उधर ले कर जाता था।













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