बड़े मंगल पर बजरंग बली के जयकारों से गूंजे मंदिर

शहर के कुछ प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में तो रात बारह बजे के बाद से ही भक्त आने शरू हो गये थे। भक्तों को परेशिानियों से बचाने के लिये महिलाओं और पुरूषों की अलग-अलग लाईने बनायी गयी है। अलीगंज के हनुमान मंदिर में एक दर्जन क्लोज सर्किट कैमरे लगाये गये हैं तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिये दो सौ से ज्यादा स्वयं सेवक तैनात हैं इसके अलावा पुलिस की भी व्यवस्था की गयी है।
हनुमान सेतु मंदिर में तीस क्लोज सर्किट कैमरे लगे हैं और सौ से ज्यादा स्वयं सेवक भीड़ को नियंत्रित करने में लगे हैं। सुरक्षा के लिये बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है । दर्शन के लिये आने वाले लोगों की सहूलियत के लिये ठंडे पानी की व्यवस्था की गयी है । पक्का पुल स्थित लेटे हनुमान मंदिर पर 11 क्विंटल गेंदे और गुलाब के फूल से मंदिर का श्रंगार किया गया है।
पवन पुत्र को सवा क्विंटल लड्डू का प्रसाद भी चढ़ाया गया। अमीनाबाद के मंदिर में सोने और चांदी के वर्क से श्रंगार किया गया और 105 दीये से आरती की गयी। इसी तरह से अन्य मंदिरों में श्रृंगार हुये हैं। वहीं शहर में जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। शहर में सैंकड़ों स्थानों पर प्रसाद के लिये पंडाल लगाये गये हैं जहां भक्तों को प्रसाद के साथ ठंडा पानी दिया जा रहा है। शहर के आज सभी स्कूल कालेज में छुट्टी दे दी गयी है। जेठ का बड़ा मंगल हिन्दू मुस्लिम एकता का भी प्रतीक है।
बडा मंगल की शुरूआत लगभग चार सौ साल पहले नवाब शुजाउदौला के समय से शुरू हुई। तब से जेठ महीने के हर मंगल को बड़ा मंगल के रूप में मनाने की पर परा चल पड़ी।












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