सान्याल को सुप्रीम कोर्ट से राहत, होंगे आजाद

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की खंडपीठ ने कहा, सान्याल की उम्र और छह साल से अधिक समय से वह जेल में हैं, इस बात को ध्यान में रखते हुए हम उन्हें जमानत दे रहे हैं। फलस्वरूप उनकी सजा भी निलंबित रहेगी। पीठ ने संबद्ध निचली अदालत के समक्ष उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा। वह अदालत उनकी रिहाई के संबंध में अन्य शर्तें भी लगाएगी।
सान्याल को डॉ. विनायक सेन और कोलकाता के व्यापारी पीयूष गुहा के साथ माओवादियों के साथ सांठगांठ रखने को लेकर दोषी ठहराया गया था। सेन को जमानत दी गई थी और उनकी सजा पिछले साल 15 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने निलंबित कर दी थी। छत्तीसगढ़ सरकार के वकील मुकुल रोहतगी और अतुल झा ने सान्याल की जमानत याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि उनका मामला सेन से अलग है और उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं, क्योंकि वह झारखंड और बिहार समेत अन्य राज्यों में जेलब्रेक की घटनाओं में शामिल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications