नक्सलियों ने अगवा एएसआई की कर दी हत्या

धर्माबंद पुलिस चौकी में पुलिस उपनिरीक्षक कृपा मांझी सीआरपीएफ शिविर जा रहे पानी के एक टैंकर की सुरक्षा में लगे थे कि गौडा में सशस्त्र व्यक्तियों ने उनका अपहरण कर लिया। बाद में उनकी हत्या कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, कुछ ही घंटे बाद गोलियों से छलनी उनका शव पाया गया। उनके हाथ एवं पैर बंधे हुए थे।
सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि कुछ ही घंटे पहले गोलियों से छलनी एएसआई का शव बिरामद हुआ है। उनके हाथ एवं पैर बंधे हुए थे। मांझी को अर्धसैनिक बलों के शिविर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर अगवा किया गया था, उस समय वह सीआरपीएफ कैंप के लिए जा रहे पानी की सुरक्षा में लगे हुए थे।
गौरतलब है कि नक्सलियों ने अगवा सुकमा के डीएम एलेक्स पॉल मेनन को 12 दिन बाद रिहा कर दिया था, लेकिन एएसआई को रिहाई नहीं बल्कि मौत दी गयी। नक्सलियों ने उन्हें 21 अप्रैल को अगवा किया था। तब से वह नक्सलियों के कब्जे में थे। दो दिन पहले मध्यस्था द्वारा सरकार और नक्सलियों के बीच हुई बातचीत के द्वारा बनी सहमति के बाद आज गुरूवार को उनको रिहा भी कर दिया गया।
इसके बाद मेनन सुकमा रवाना हो गए। लेकिन मीडिया को इस बारे में तुरंत जानकारी नहीं दी गई। यह तय किया गया कि कलेक्टर के नक्सलियों के कब्जे से छूटने की आधिकारिक घोषणा तभी की जाए जब वह सुकमा पहुंच जाएं। मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने बताया कि माओवादियों की ओर से मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल आज हेलिकाप्टर से ताड़मेटला गये थे।
डीएम की रिहाई किस जगह की गयी अभी तक उस जगह के बारे में कोई खुलाया नहीं किया गया है। कलेक्टर की रिहाई के बाद उन्हें जंगल से निकालने के लिए राज्य सरकार ने सारी व्यवस्था कर रखी थी। राज्य के सुकमा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर और राजधानी रायपुर में चिकित्सा अधिकारियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
कलेक्टर मेनन अब रिहा हो चुके है इसके बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा। चिंतलनार क्षेत्र में भी एक एम्बुलेंस को तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि रिहा होने के बाद सबसे पहले एलेक्स पॉल मेनन की मुलाकात उनकी पत्नी से होगी। मेनन को सुकमा पहुंचाने की भी पूरी व्यवस्था कर ली गई है।












Click it and Unblock the Notifications