बाबा रामदेव ने मिलाया मुस्लिम नेताओं से हाथ

यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा के साथ मिलकर 12 मई को दिल्ली में एक सम्मेलन करेगा। सम्मेलन में सभी मुस्लिम संगठनों के प्रमुख व रामदेव एक मंच पर होंगे। कहा जा रहा है कि सम्मेलन का उद्घाटन योगगुरु बाबा रामदेव करेंगे जिसके बाद वह मुस्लिम नेताओं के साथ आन्दोलन की घोषणा कर सकते हैं।
मुस्लिमों की समस्याओं के निराकरण व इनकी राजनीति में मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए अलग-अलग दलों से सांसद रहे मुस्लिम
नेता भी एक मंच पर एकत्र हो रहे हैं। इन नेताओं का मकसद मुस्लिमों के हालात सुधारने के लिए एक साथ पूरे देश में आंदोलन चलाना है। यही वजह है कि इन संगठनों ने दिल्ली में स मेलन बुलाया है।
इस सम्मेलन के तुरंत बाद मोर्चा के नेता देश भर में मुस्लिमों को एकजुट करने के लिए निकल पड़ेंगे। दिल्ली में होने वाले इस स मेलन में पूर्व सांसद इलियास आजमी, पूर्व राज्यसभा सदस्य एम एजाज अली और मौलाना सिब्ते रिजवी भी शिरकत करेंगे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमाल अशरफ ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि आजाद भारत में सबसे पहले मुस्लिम समाज ही भ्रष्टाचार के शिकार हुए।
उन्होंने कहा कि देश के अंदर लगभग सभी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा पनप चुका है कि इसके खिलाफ योगगुरु बाबा रामदेव को आंदोलन में कूदना पड़ा है। मोर्चा भी इस लड़ाई में बाबा रामदेव का सहयोगी हो गया है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मो.समी खान ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में मुस्लिम कांग्रेस से नाराज था, भाजपा को वोट दे नहीं सकता था, लिहाजा एकतरफा वोट करके मुलायम की सरकार बनवायी।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव पहले ही इमाम बुखारी को कह चुके हैं, कि आपका काम इमामत करना है, आप इमामत करें और सियासी लोगों को सियासत करने दें और आज जबकि स्वयं सैयद अहमद बुखारी अपने दामाद को चुनाव नहीं जिता सके तो ऐसे में यह कहा जाना कि अहमद बुखारी की अपील का असर है कि सपा पूर्ण बहुमत में आयी है, यह सरासर बेबुनियाद है।












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