कलेक्टर एलेक्स पॉल की खोज में सर्च ऑपरेशन शुरू

मेनन की खोज करने निकले जवानों को फिलहाल रविवार दोपहर बारह बजे तक कोई सफलता नहीं मिली है। सभी जवान हथियारों से लैस हैं, लिहाजा कभी भी कहीं भी नक्सलियों से मुठभेड़ हो सकती है। हालांकि पुलिस कोई भी ऐसा कदम नहीं उठायेगी, जिससे मेनन की जान को खतरा पैदा हो।
उधर दिल्ली में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बातचीत की और उन्हें सूकमा जिले के कलेक्ट्रर एलेक्स पाल मेनन के नक्सलियों द्वारा अपहरण किये जाने के मामले में सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टेलीफोन पर बातचीत के दौरान चिदंबरम ने सिंह को बताया कि 32 वर्षीय आईएएस अधिकारी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र हर प्रकार की मदद देने को तैयार है।
केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव से बात की और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त केंद्रीय बल भेजने की पेशकश की। केंद्र सरकार माओवादियों की ओर से अपहरण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंतित है जिनकी :बंधकों की: रिहाई के एवज में नक्सली जेल में बंद अपने साथियों को छोड़ने की मांग करते हैं।
सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ उस खुफिया जानकारी को साझा किया जिसमें चरमपंथियों की ओर से प्रमुख लोगों का अपहरण किये जाने की बात कही गई थी । इन राज्यों से जरूरी एहतियाती उपाए करने को कहा गया था। मेनन का अपहरण ऐसे समय में हुआ है जब पड़ोसी राज्य ओडिशा में बीजद विधायक झिना हिकाका को नक्सलियों से छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ओडिशा में अपहृत इटली के दो नागरिकों को मुक्त कराया जा चुका है।
परिवार ने किया उनकी शीघ्र रिहाई का आग्रह
मेनन के अपहरण के बाद उनके परिवार ने शनिवार रात कहा कि मेनन को वहां अधिकारियों के संभावित अपहरण के खतरे की जानकारी थी लेकिन इस बात से डर कर उन्होंने कभी अपने दायित्वों से मुंह नहीं फेरा।
तमिलनाडु से आईएएस अधिकारी मेनन का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया है। मेनन के ससुर वेणुगोपाल ने कहा हमने क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के संभावित अपहरण की चेतावनी के बारे में सुना था। हमने उन्हें सुरक्षा के बिना कहीं न जाने की सलाह भी दी थी। वह बहुत सावधान थे। लेकिन उन्हें अपने दायित्व का निर्वाह भी करना था।
वेणुगोपाल ने बताया कि उनकी बेटी आशा एलेक्स को तीन माह का गर्भ है और वह सुकमा में अकेले ही स्थिति का सामना कर रही है। उन्होंने केंद्र से अपने दामाद की रिहाई के लिए शीघ्र कदम उठाने का अनुरोध किया। मेनन के पिता हरिदास ने कहा सरकार को मेरे बेटे की रिहाई के लिए शीघ्र कदम उठाने चाहिए। यह सरकार का दायित्व है। वह देश की सेवा के लिए छत्तीसगढ़ गए थे और सुकमा ने अपना फर्ज पूरा कर रहे थे।












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