लाव लश्कर छोड़ स्कूटर से चलते हैं भाजपा प्रदेश के अध्यक्ष

भाजपा के अब तक के अध्यक्षों के विपरित डा. बाजपेयी अपने सादगी की जो मिसाल पेश की वह पहली बार नही हैं वह भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए भी कई बार स्कूटर से विधानसभा पहुंच जाते थे। अपने विधानसभा क्षेत्र से लेकर राजधानी लखनऊ में कहीं भी डा.वाजपेयी को स्कूटर से भागदौड़ करते देखा जा सकता है। डा.वाजपेयी जहां अपनी सादगी से पार्टी की छवि को निखार रहे हैं वहीं पार्टी के अन्य नेता तमाम नेता ऐसे हैं जो बड़ी अत्याधुनिक गाडिय़ों से ही चलने के आदी हैं।
यही कारण है कि जब भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद डा.वाजपेयी स्कूटर से पार्टी द तर पहुंचे तो चर्चा का विषय बने रहे। वहीं भाजपा के कई बड़े नेताओं को डा.वाजपेयी की यह कार्यशैली रास नहीं आ रही है। भाजपा के कई नेता ऐसे हैं जिनके निजी काम भी पार्टी की गाडिय़ों से होते हैं, उनकी चिन्ता बढ़ गयी है। वहीं पार्टी में एक बार फिर गुटबाजी शुरू हो गयी है।
भाजपा के कुछ नेता जहां डा.वाजपेयी को टैम्परेरी नेता बता रहे हैं वहीं कुछ लोगों का मनाना है कि पार्टी को डा.वाजपेयी जैसे प्रदेश अध्यक्ष की ही जरूरत है। अब देखना यह है कि प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर संभालने के बाद डा.वाजपेयी गुटबाजी पर अंकुश कैसे लगा पाते हैं। बहरहाल उन्होंने सादगी की जो मिसाल पेश की उससे जाहिर है कि प्रदेश में भाजपा दिखावे से ऊपर उठ कर काम करेगी। भाजपा के अन्य नेताओं पर इस सादगी का कितना असर होता है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।












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