जून में फिर सुलगेगी जाट आरक्षण की आग

Jat Protest file photo
हिसार। सरकार ने ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जो जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए समझौते के आधार पर हो। न तो घायल आंदोलनकारियों को मुआवजा दिया गया और न ही आंदोलन में मारे गए मैयड़ के संदीप के भाई को नौकरी दी। इसके अलावा समुदाय के लोगों पर दर्ज केस वापस लेने की बात भी हुई थी, मगर अब भी प्रशासन द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।

सरकार की नियत में समुदाय और संघर्ष समिति को अब भी शक है। ऐसे में सरकार से मिलने का समय मांगा गया है और निष्कर्ष न निकलने पर आंदोलन को जून-जुलाई में भी शुरू किया जा सकता है। यह बात अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कही।

वे आज जाट धर्मशाला में समिति के पदाधिकारियों की बैठक ली। इससे पहले मलिक रविवार को हिसार में थे और आंदोलन के दौरान घायलों का हालचाल पता करने आए थे। उन्होंने बताया कि अगले महीने मई में समिति हिसार में समुदाय के लोगों से विशेष बैठक करेगी और उसमें सरकार के साथ हुए समझौते में पूरी हुई मांगों पर आंकलन होगा और जरूरत पडऩे पर जून या जुलाई में भी आंदोलन किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि समुदाय 13 सितंबर को मैयड़ में शहीदी रैली करेगा और उस दौरान 5 मार्च को तड़के आंदोलनकारियों को उठाने की सोच रखने वाले नेता या अधिकारियों का भी खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के साथ सरकार के प्रतिनिधि, खाप पंचायतों और संघर्ष समिति में वार्ता के 7 दौर चले।

सभी दौर के फैसलों को भी जनता व समुदाय के लोगों के समक्ष स्पष्ट रूप से रखा गया। उन्होंने कहा कि आखिरी दौर में समिति ने खाप पंचायतों के फैसले पर अगले दिन मुहर लगानी थी। इससे पहले तड़के में आंदोलनकारियों को उठाना वास्तव में निंदनीय काम था।

दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि पिछले आंदोलन के असर पर सरकार ने आयोग का गठन किया था और इस आंदोलन के प्रभाव से प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उनको कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के आधार पर पहले प्रदेश में लागू करेंगे और फिर रिपोर्ट को केंद्र में भेजेंगे। उन्होंने कहा कि यह बात मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई बैठक में कही थी।

उन्होंने बताया कि आयोग ने प्रदेश में सर्वे के लिए एक एजेंसी को नियुक्त किया है। एजेंसी संभवत: अगले 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी और जून तक ये 45 दिन भी पूरे हो जाएंगे। समिति के दूसरे गुट हवा सिंह सांगवान और दलजीत पंघाल गुट पर उन्होंने बोला कि समाज ने उनका बहिष्कार किया हुआ है। उन्हें समाज की नाराजगी को दूर करने के लिए समाज के बीच जाकर माफी मांगनी चाहिए और अपना व्यवहार सुधारना चाहिए।

इस अवसर पर उनके साथ समिति के प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल छौत, प्रदेश महासचिव महेन्द्र पूनिया, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला दहिया, जिला अध्यक्ष राम भगत मलिक, सूबेदार ओम प्रकाश मूलचंद दहिया, रणबीर सिंह, कृष्ण, ओम ङ्क्षसह, सूरत सिंह व समिति के अन्य लोग उपस्थित थे।

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