मायावती ने छोडी विधान परिषद की सदस्यता

प्रदेश की सत्ता जाने के साथ ही मायावती भी राज्य से रवाना हो गयीं। लोग इस बात की कयास लगा रहे हैं कि हो न हो मायावती इन दिनों दिल्ली में ही होंगी लेकिन पुख्ता तौर पर कोई कुछ कह नहीं पा रहा है। हालांकि दो दिन पूर्व उन्होंने आगरा का दौरा करते हुए एक कार्यक्रम में शिरकत की थी।
ताजा खबर के अनुसार मायावती ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्याता से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा के लिये चुने जाने के बाद परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना तय था। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद वह विधान परिषद की सदस्य चुनी गयी थीं। पहली बार चुने जाने के बाद उनका कार्यकाल 2010 में समाप्त हुआ। प्रदेश में सत्ता पर काबिज रहने के दौरान कार्यकाल समाप्त हुआ तो उन्हें दोबारा विधान परिषद का सदस्य चुना गया।
दोबारा चुने जाने के बाद उनका कार्यकाल जुलाई 2016 तक समाप्त होना था लेकिन इससे पहले ही उन्होंने सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। लोगों का कहना था मायावती जब भी सत्ता से बाहर होती हैं वह प्रदेश में नहीं रहती इसी से बचने के लिए उन्होंने राज्य सभा की सदस्यता ली। राज्य सभा के लिए चुने जाने के बाद वह इस बात से निश्चिंत हो गयीं कि उन्हें प्रदेश में आना जाना होगा। इसी के चलते उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी।












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