सबसे ज्यादा न्यू अशोक नगर, सबसे कम वसंत विहार में वोट पड़े

तीन भागों में विभाजित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए रविवार को हुए मतदान का कई इलाकों में मतदाताओं ने बहिष्कार किया। विरोध का कारण इलाकों में सुविधाओं का कथित अभाव था। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तरी दिल्ली के लाडपुर और सनोठ तथा बाहरी दिल्ली के काजीपुर गांव लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया। सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ, लेकिन मतदान केंद्र खाली रहे। निर्वाचन अधिकारी लोगों का इंतजार करते रहे, लेकिन लोग मतदान केंद्रों के बाहर एक-दूसरे से बातें करते रहे। उन्होंने अंदर आकर मतदान नहीं किया।
तीन एमसीडी चुनाव के लिए रविवार को हल्की झड़पों के बीच मतदान संपन्न हो गया। चुनाव में इस बार बड़ी संख्या में मतदाताओं के हिस्सा लेने से रिकार्ड 55 से 58 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 1997 से हो रहे एमसीडी चुनाव में मतदान प्रतिशत ने कभी भी इतना नहीं रहा। अभी तक वर्ष 2002 में 52 प्रतिशत मतदान होने का रिकार्ड था।
सबसे अधिक पूर्वी दिल्ली में मतदान होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, सबसे कम वसंत विहार में मतदान करने के लिए लोग निकले।राज्य चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने बताया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए लोग केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे और शाम साढ़े पांच बजे के बाद भी अनेक केंद्रों पर मतदाता लाइन में लगे थे। ऐसे मतदान केंद्रों पर शाम सात बजे तक मतदान हुआ।
सुबह 10 बजे तक 12 प्रतिशत, 12 बजे तक 22 प्रतिशत, 2 बजे तक 35 प्रतिशत और मतदान खत्म होने तक 55 से 58 प्रतिशत मतदान होने का अनुमान है। सभी आरओ से पूरी रिपोर्ट आने पर यह आंकड़ा 60 प्रतिशत भी पहुंच सकता है। न्यू अशोक नगर वार्ड में 65 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया। जबकि वसंत विहार में मात्र 43 प्रतिशत ही मतदान हुआ। इस वार्ड में पिछले चुनाव के दौरान 28 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई। किसी भी मतदान केंद्र पर न तो बोगस वोट डालने की शिकायत मिली और न ही किसी मतदान केंद्र पर झगड़ा हुआ। इसके अलावा किसी भी मतदान केंद्र पर ईवीएम तोड़े जाने की घटना नहीं हुई। इससे किसी भी वार्ड के मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान नहीं होगा। पूरे दिन आयोग के पास करीब चार सौ शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें उम्मीदवारों की अपेक्षा मतदाताओं की अधिक शिकायतें थीं।
कुछ उम्मीदवारों ने अपने विरोध उम्मीदवार पर मतदाताओं को मतदान केंद्र तक गाड़ियों में लाने का आरोप लगाया। जबकि मतदाताओं ने मतदाता सूचियों में नाम न होने के साथ-साथ कई जगह मतदान की रफ्तार होने की शिकायतें की। उन्होंने मतदान का प्रतिशत बढ़ने एवं शांतिपूर्ण मतदान होने पर खुशी जताई। हालांकि उन्हें इस बात का अफसोस है कि मतदान का प्रतिशत जरुर बढ़ा लेकिन यूपी चुनाव और अन्य चुनावों के मुकाबले काफी कम रहा।












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