पाकिस्तानी पैसे से गुलजार होगा भारतीय शेयर बाजार

भारत ने पाकिस्तान को अपने यहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत देने का सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने पाकिस्तानी वाणिज्य मंत्री मखदूम अमीन फहीम के साथ अपनी बातचीत के बाद शुक्रवार को इसलामाबाद के लिए एफडीआई का दरवाजा खोलने की घोषणा की। शर्मा ने कहा कि इस बारे में प्रस्ताव को हकीकत में तब्दील करने के लिए अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। इसके जरिए व्यापारिक रिश्तों को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
जबकि पाकिस्तानी व्यापारियों को भारतीय बाजार में निवेश करने का मौका भी मिलेगा। हालांकि दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रियों ने यह खुलासा नहीं किया कि किन क्षेत्रों में विदेशी निवेश आएगा। जब पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री से यह पूछा गया कि एफडीआई के लिए किन क्षेत्र विशेष को चुना गया है तो उन्होंने कहा कि समझौता होने के बाद ही एफडीआई के लिए क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा।
जबकि शर्मा ने कहा कि इस निर्णय की राह आसान करने के लिए प्रक्रियाएं तय की जा रही हैं। भारत-पाकिस्तान व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। शर्मा और फहीम के बीच हुई बैठक में व्यापारिक विकास संबंधी कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए
गए।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के हालिया भारत दौरे के साथ भारत-पाक व्यापारिक रिश्तों में गर्माहट आई है। वहीं, वाघा बार्डर पर नई चेकपोस्ट का उद्घाटन भी शुक्रवार को किया गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर अब मई में पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे।
वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्तान ने बैंकिंग शाखाओं के विस्तार पर चर्चा की है। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री फहीम ने कहा कि इस प्रस्ताव को पाक सरकार की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। उम्मीद है कि इस वर्ष बैंकिंग विकास को लेकर अंतिम निर्णय ले लिया जाए। सूत्रों के मुताबिक दो बड़े भारतीय बैंकों ने काफी पहले से पाकिस्तान में शाखा खोलने के लिए आवेदन दिया हुआ है।
आनंद शर्मा ने बताया कि दोनों देशों की सरकारों ने व्यापारिक विकास में सहायता के लिए भारत-पाक व्यापार परिषद के गठन का निर्णय लिया है। इसकी स्थापना जल्द की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता दोनों देशों के प्रतिनिधि करेंगे। परिषद की बैठक वर्ष में दो बार होगी। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने बताया कि पर्यटकों को लुभाने के लिए पाकिस्तान टूरिस्ट वीजा को आसान बनाएगा। इस बारे में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। उम्मीद है कि एक वर्ष के अंदर इस बाबत समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएगा।












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