ममता कार्टून केस: प्रोफेसर रिहा, गिरफ्तारी की चौरतफा आलोचना

बेल पर जमानत मिलने के बाद भौतिक रसायन के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा ने बताया कि उन्होंने केवल मनोरंजन के लिए अपने मित्रों को मेल कियध था। महापात्रा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनकी जमकर पिटाई की और गुरुवार रात को जबरन अपने बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया और उन्होंने जानबूझकर कार्टून को इंटरनेट पर जारी किया।
इस मामले में प्रोफेसर के पड़ोसी और महापात्र हाउसिंग सोसाइटी के सचिव सुब्रत सेनगुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया था। उनपर सोसाइटी के नाम पर पंजीकृत ईमेल आईडी से कार्टून भेजने का आरोप है। उनकी गिरफ्तारी की चौतरफा निंदा हो रही है। नेताओं, शिक्षाविदों, कलाकारों ने इसे लोगों की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार सुबह जाधवपुर यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया था। जाधवपुर विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर को ममता बनर्जी के बारे में इंटरनेट पर अपमानजनक संदेश फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के के बाद पुलिस ने प्रोफेशर को अदालत में पेश किया।
कोलकाता पुलिस के उपायुक्त सुजॉय चंद्रा ने बताया कि जाधवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के बारे में इंटरनेट पर अपमानजनक वस्तुए पोस्ट करने के जुर्म में हिरासत में लिया गया है। खैर इन प्रतिष्ठित व्यक्तियों का नाम बताने से पुलिस ने इंकार किया है।












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