ब्रिटेन में शिक्षा के बाद जॉब नहीं कर पाएंगे भारतीय छात्र

ब्रिटेन की केमरन सरकार ने आव्रजकों की संख्या में कटौती के तहत इस योजना को बंद करने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि यह योजना कल से बंद हो जाएगी। यह सुविधा उन विद्यार्थियों में काफी लोकप्रिय थी जो अपने ही खर्च पर पढते हैं और पढाई पूरा करने के बाद खर्च का कुछ हिस्सा यहां काम कर पूरा करना चाहते थे।
इस बहाने उन्हें यहां कामकाजी अनुभव भी मिल जाता था। इस तरह की रपटें आनी शुरू हो गई हैं कि सितंबर 2012 से शुरू होने वाले पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले भारतीय विद्यार्थियों की संख्या घटी है। गृह विभाग ने यह व्यवस्था खत्म करने की घोषणा की। उसने यह भी कहा कि कुशल भारतीयों एवं अन्य गैर-यूरोपीय संघ नागरिकों के लिए अगले दो साल तक रोजगार के 20,700 अवसर उपलब्ध होंगे।
भारतीय छात्रों पर यह प्रभाव पड़ेगा
1- ब्रिटेन में पढ़ाई के बाद भारतीय छात्र दो साल नौकरी का अनुभव हासिल नहीं कर सकेंगे। ब्रिटेल में नौकरी करके लौटने के बाद भारत में उनको फायदा मिलता था।
2- अब भी छात्रों को वीजा हासिल करने के मौके रहेंगे। लेकिन उच्च आय वर्ग और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना उनके लिए आसान नहीं होगा।
3- इस साल शुरू होने वाले सत्र के लिए भारत में आवेदन कम हुए हैं। नई घोषणा का असर देखा जा सकता है। ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के प्रति छात्रों में आकर्षण कम होगा।












Click it and Unblock the Notifications