अब आशा कार्यकर्ताओं की झोली भरेंगे जयराम रमेश

सूत्र बता रहे हैं कि आशा कार्यकर्ताओं की गुहार लगभग सुन ली गई है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय उन्हें नौकरी देने पर विचार कर रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले कुछ ही दिनों में यह विचार मूर्त रूप ले सकता है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय उन्हें स्वच्छता दूत नियुक्त करना चाहता है। इसकी एवज में उन्हें मानदेय और वेतन का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। मंत्रालय कई विकल्पों विचार कर रहा है।
गांवों में शौचालयों के निर्माण और उसके उपयोग के लिए प्रेरित करने पर प्रोत्साहन राशि, ग्रामीण स्वच्छता में काम करने पर मासिक वेतन अथवा मानदेय देने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस बाबत पेयजल व स्वच्छता सचिव और स्वास्थ्य सचिव के बीच एक दौर की बैठक भी हो चुकी है। जयराम रमेश ने अधिकारियों से आशा कार्यकर्ताओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार करने को कहा है। उन्हें निर्मल भारत अभियान का हिस्सा बनाने का फैसला कर लिया गया है।
स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए गांव-गांव में तैनात लाखों आशा कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा। जयराम रमेश ने स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को लिखे पत्र में स्वच्छता के बाबत मिले बजटीय समर्थन का हवाला भी दिया है। उन्होंने इस बाबत स्वास्थ्य मंत्रालय का भी सहयोग मांगा है।












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