अब भारतीय वायुसेना देगी अमेरिका को टक्कर

इनकी मदद से शत्रु के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट किया जा सकता है। लाकहीड मार्टिन इंडिया के प्रमुख रोजर रोज ने बताया कि हम भारतीय वायुसेना को एलजीबी की आपूर्ति के सौदे में सबसे कम बोलीदाता के रूप में उभरे। हमने जगुआर के लिए अपने पेववे 2 की पेशकश की है तथा इस दिशा में सौदे के लिए बातचीत जारी है।
वायुसेना ने एलजीबी के लिए प्रस्ताव के लिए वैश्विक अनुरोध (आरएफपी) आमंत्रित किया था। इसमें लाकहीड ने रायथन और एक इस्राइली मिसाइल निर्माता ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कड़ी सतह को भेदने की क्षमता वाले एलजीबी का इस्तेमाल ठोस रनवे और कड़ी सुरक्षा वाले स्थलों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।
एलजीबी गाइडेड प्रोजेक्टाइल होते हैं। लक्षित निशानों पर सटीकता से प्रहार करने के लिए इसमें लेजर का इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय वायुसेना ने 1999 के करगिल युद्ध में पाकिस्तानी चौकियों पर इनका सटीक इस्तेमाल किया था। इससे पहले भारतीय वायुसेना को इन बमों की रायथन ने आपूर्ति की थी। इस कंपनी के साथ सौदा होने से भारतीय सेना में खासा मजबूती जाएगी।












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