डेरा प्रमुख को नोटिस जारी कर जवाब तलब

याचिका के अनुसार गुप्ता परिवार की डेरा सच्चा सौदा में अटूट आस्था थी। विगत कई वर्षों से गुप्ता परिवार डेरा में ही रह रहा था। यहां तक कि अपनी पुश्तैनी सम्पत्ति बेघर उन्होंने डेरा द्वारा संचालित विभिन्न फैक्ट्रियों में अपना पैसा इंवैस्ट कर दिया। याचिका में विश्वास गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि इस दौरान डेरा प्रमुख ने अपनी मर्जी से उसकी शादी डेरा अनुयायी प्रिंयका पुत्री रामानंद से करवा दी। कुछ समय बाद डेरा प्रमुख ने विश्वास की पत्नी प्रियंका को अपनी मुंह बोली बेटी बना लिया और उसका नाम हनीप्रीत रख दिया।
विश्वास का आरोप था कि डेरा प्रमुख ने प्रिंयका को बेटी बनाने के बाद अपने पास डेरा में ही रख लिया था। इस बात से उसे डेरा प्रमुख व प्रियंका के संबंधों पर शक होने लगा था। विश्वास के अनुसार एक दिन उसने डेरा प्रमुख को अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया। विश्वास ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजन विश्वास को लेकर डेरा छोड़कर चले गए लेकिन डेरा प्रमुख ने प्रियंका को उनके साथ नहीं जाने दिया।
विश्वास गुप्ता ने न्यायालय में याचिका दायर कर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख से अपनी जान को खतरा बताया और सुरक्षा की गुहार लगाई। याचिका में मांग की गई कि डेरा में लगाया गया उसका पैसा वापिस दिलवाया जाए और सिरसा अदालत में विचाराधीन मामले को पंचकूला अदालत में स्थानांतरित किया जाए। गत दिवस उच्च न्यायालय ने उक्त मामले में सुनवाई करते हुए डेरा प्रमुख को नोटिस जारी कर दिया। न्यायाधीश रामेश्वर सिंह मलिक ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि डेरा प्रमुख पर संगीन आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने डेरा प्रमुख से 30 अप्रेल तक जवाब तलब किया है।












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