आर्मी रिश्वत मामले में टाट्रा प्रमुख को सीबीआई का सम्मन

गौरतलब है कि टाटा ट्रक घोटाले में डीएनए अखबार के हवाले से एक चौकाने वाली खबर आसने आयी है। देश के रक्षा मंत्री एके एंटोनी को इस घोटाले के बारे में साल 2009 से ही पता था। जानकारी मिलने के बावजूद रक्षा मंत्री आंखें मूंदे हुए थे। दलित नेता डॉक्टर हनुमनथप्पा ने 26 अगस्त 2006 को सोनियां गांधी को इस बारे में चिट्ठी लिखी थी।
उनकी चिट्ठी पर सोनिया गांधी ने मंत्रालय को उचित कार्रवाई का आदेश दिया था। हनुमंथप्पा ने चिट्ठी में लिखा गया था कि बीईएमएल के सीएमडी वीआरएस नटराजन ने ब्रिटिश एजेंट के साथ 6000 करोड़ का सौदा किया है। उन्होंने लिखा था कि यह सौदा गलत तरीके से किया जा रहा है।
इसके बाद 5 अक्टूबर 2009 को गुलाम नबी आजाद ने रक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाए। रक्षा मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा था कि इस मामले की जांच जारी है। जल्द की मामले की कार्रवाई पूरी करके आपको सूचित किया जाएगा। इस मामले को गुजरे हुए दो साल से ज्यादा का समय गुजर गया है लेकिन अबतक कोई नतीजा सामने नहीं आया है।












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