काशी विश्वनाथ मंदिर में लगेगा 6 क्विंटल सोना

मंन्दिर के कर्ताधर्ता इस बारे में निर्णय ले चुके हैं। मंदिर में चढ़ावे में आए स्वर्ण का प्रयोग किया जाएगा, मुम्बई के भारतीय स्टेट बैंक में सुरक्षित करीब छह क्विंटल स्वर्ण एवं पांच क्विंटल चांदी को गलाकर उप शीर्ष तथा दरवाजों का कलेवर बदला जायेगा। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए एक खुली कमेटी का गठन होगा। इसके लिए श्रृंगेरी मठ से जुड़े गौरी शंकर की मदद ली जायेगी। भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था त्रिदेव मंदिर का संचालन करने वाली संस्था राणी सती ट्रस्ट की ओर से की जायेगी।
रसाद के रुप में रुद्राक्ष का एक पत्र, बेलपत्र भस्म एवं भगवान शिव का एक फोटो दिया जायेगा। मंदिर के पत्थरों में बने एनामेल पेंट को छुडाने के लिए काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के विशेषज्ञों की मदद ली जायेगी। मंदिर की वेबसाइट को जल्द ही अपडेट किया जायेगा। वहीं मंदिर की सुरक्षा भी कड़ी की जायेगी। मंदिर की सुरक्षा के लिए जल्द ही शासन की ओर से 150 सुरक्षाकर्मी भेजे जायेंगे। भक्तों की सुविधा के लिहाज से रेडजोन के 11 जर्जर भवनों को शीघ्र खरीदने की तैयारी हो रही है। मंदिर की आय में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष एक करोड़ 21 लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराये जाने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गयी है। गहन जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाता है। मंदिर में दर्शन करने देश विदेश विशेषकर दक्षिण भारत से लाखों लोग हर माह वाराणसी आते हैं।












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