उल्फा उग्रवादी अब खेतों में चलाएंगे हथियार

उल्फा उग्रवादियों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने की पहल के बाद अब सरकार इन लोगों को गांवों में बसाकर खेती व बागवानी के जरिये स्वाबलंबी बनाने की योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत समर्पण कर चुके लोगों को खेती और बागवानी के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए जहां कृषि योग्य भूमि का प्रबंध असम सरकार कर रही है, वहीं प्रशिक्षण का काम कृषि मंत्रालय को सौंपा गया है। अगले महीने से प्रशिक्षण अभियान की शुरूआत की जाएगी।
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने उल्फा के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है। इसके तहत समर्पण के बाद सरकार संगठन के लोगों के जीवकोपार्जन की व्यवस्था करती है। पहले इन लोगों को नकद राशि दी जाती थी लेकिन अब सरकार ने इनको जमीन देकर खेती कराने की योजना बनाई है।
लगभग दो माह पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कृषि मंत्री शरद पवार को पत्र लिखकर इस योजना की जानकारी दी थी। पत्र में गृह मंत्रालय ने इन लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए वैज्ञानिकों का सहयोग मांगा था। जिसे कृषि मंत्री ने स्वीकार कर लिया है। कृषि मंत्रालय ने इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया कि समर्पण कर चुके लोगों को प्रशिक्षित करने का काम अगले महीने से शुरू किया जा रहा है। इसी के तहत कृषि वैज्ञानिकों का एक दल असम के गांवों का दौरा करेगा और समर्पण कर चुके लोगों को खेती बाड़ी के तौर तरीके, बागवानी के गुण आदि के लिए प्रशिक्षण अभियान शुरू करेगा।












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