टीम अन्ना को अपनी मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए: सुषमा

भोजनावकाश के बाद सदन की बैठक शुरू होने पर सुषमा ने टीम अन्ना के सदस्यों द्वारा सांसदों को कथित रूप से चोर डकैत बताए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि यदि संसद में सारे चोर उचक्के बैठे हैं तो टीम अन्ना ने अपने तीन प्रस्ताव भेजकर संसद से क्यों कानून बनाने को कहा था? उन्होंने कहा कि एक ओर तो टीम अन्ना संसद से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल विधेयक पारित कराना चाहती है और दूसरी ओर उसके सदस्यों को चोर डकैत बताती है। सुषमा ने कहा कि अन्ना हजारे को जब गिरफ्तार किया गया तो इन्हीं सांसदों ने उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ न केवल आवाज उठायी बल्कि सरकार पर उनकी रिहाई का भी दबाव बनाया और साथ ही मजबूत लोकपाल लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
उन्होंने कहा कि आज टीम अन्ना के सदस्य बाहर खड़े होकर सांसदों को अपमानित करते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि सभी को अपनी मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में सदन से निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की मांग की जिसका सभी सदस्यों ने मेजें थपथपा कर समर्थन किया। जनता दल यू के शरद यादव ने टीम अन्ना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये लोग लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं और संसद के बाहर पूरे लोकतंत्र को गाली दे रहे हैं।
उन्होंने उपाध्यक्ष से इस बारे में निंदा प्रस्ताव पारित कराए जाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि अन्ना के कल के कार्यक्रम में उनके उस भाषण को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया जिसे उन्होंने लोकसभा में दिया था। उन्होंने कहा कि हमीं लोगों ने अन्ना हजारे को गिरफ्तारी से बचाने के लिए संसद में आवाज उठायी थी और सबसे पहले उनके मंच पर जाकर उनके आंदोलन का समर्थन किया था।
शरद यादव ने आक्रोशित लहजे में कहा, हम 30 साल से राजनीति में हैं, जिंदगीभर भ्रष्टाचार से लड़े हैं, ये क्या भ्रष्टाचार से लड़ेंगे? उन्होंने कहा कि जब टीम अन्ना के सदस्य सांसदों के खिलाफ अनाप शनाप बोल रहे थे तो अन्ना हजारे वहीं बैठे थे और उन्होंने उन्हें रोका नहीं। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा ? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया।












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