जंतर-मंतर से अन्ना की हूंकार, सरकार को दी अगस्त तक की डेडलाइन

अन्ना ने सत्तासीन सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वह 14 दागी केंद्रीय मंत्रियों सहित 25 राजनीतिज्ञों के खिलाफ अगस्त तक एफआइआर दर्ज करे नहीं तो देश में नये सिरे और बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि 2014 तक सरकार ने जन लोकपाल बिल पास नहीं किया तो इसे जाना होगा। सरकार के पास दो विकल्प हैं, लोकपाल लाओ या सत्ता छोड़ो।
इस बार के अन्ना के अनशन में जहां आम जनता मौजूद रही वहीं माफिया और आतंकियों के हाथों मारे गए शहीदों के परिजन भी शामिल हुए। मप्र के मुरैना में खनन माफिया द्वारा मारे गये आईपीएस नरेंद्र कुमार के पिता और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के दिवंगत अधिकारी मंजुनाथ शणमुगम के परिजन भी अनशन स्थल पर मौजूद थे। यही नहीं अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने भी नेताओं के खिलाफ लोगों की नाराजगी को देखते हुए जमकर उन पर भड़ास निकाली।
उन्होंने शरद पवार, एसएम कृष्णा, पी. चिदंबरम, प्रफुल्ल पटेल, कपिल सिब्बल, कमलनाथ, फारूक अब्दुल्ला, अजित सिंह, श्रीप्रकाश जायसवाल, सुशील कुमार शिंदे, विलासराव देशमुख, एमके अलागिरि, जीके वासन समेत 25 राजनीतिज्ञों के नाम गिनाए और बताया कि इनके खिलाफ क्या-क्या गंभीर घोटालों के आरोप हैं। साथ ही कहा कि अगर जन लोकपाल बन जाए तो इन सब के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो जाए और जांच शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि देश में 4120 विधायक हैं, जिनमें 1176 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 513 के खिलाफ संगीन आरोप है।












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