शहला हत्याकांड: भाजपा विधायक ने लगाया सीबीआई पर आरोप

विधायक के वकील का दावा है कि उनका पक्षकार झूठ पकड़ने के इस परीक्षण से अब तक एक बार भी नहीं गुजरा है। इसके बावजूद उसकी साख खराब करने की कथित कोशिश के तहत उसका भविष्य में दूसरी बार पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की बात कही जा रही है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) डॉ. शुभ्रा सिंह की अदालत में भाजपा विधायक की ओर से पैरवी करने वाले प्रदीप गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि मेरे मुवक्किल का पॉलीग्राफ टेस्ट आज तक हुआ ही नहीं है।
हमें सूचना मिली है कि सीबीआई ने विशेष अदालत को यह कहते हुए गुमराह किया कि वह एक बार सिंह का पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी है और अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें दूसरी बार झूठ पकड़ने के इस परीक्षण से गुजारा जायेगा। वहीं दूसरी तरफ भोपाल की आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद के हत्याकांड के आरोपियों में शामिल भाड़े के कथित हत्यारे इरफान ने आज यहां विशेष सीबीआई अदालत में अपना बयान दर्ज कराया।
सूत्रों के मुताबिक बंद दरवाजे में हुई सुनवाई के दौरान विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) डॉ. शुभ्रा सिंह के सामने इरफान ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया।
बहरहाल, बयान देकर अदालत से बाहर निकलने के बाद जब संवाददाताओं ने आरोपी से पूछा कि क्या उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, तो वह कुछ नहीं बोला। मगर अपना सिर हिलाकर ना में इशारा किया। शहला हत्याकांड के आरोपी को अदालत में पेशी के लिये जिला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाया गया था। वह तीन अप्रैल तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है।
सूत्रों ने बताया कि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) के सामने 22 मार्च को इरफान ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत इकबालिया बयान दर्ज कराने की मंशा जाहिर की थी। अदालत ने उसे इस बारे में अच्छी तरह सोच-विचार के लिये 48 घंटे की मोहलत दी थी। यह मोहलत आज खत्म हो रही थी।
आरटीआई कार्यकर्ता के हाई प्रोफाइल हत्याकांड में अब तक पांच आरोपी सीबीआई की गिरफ्त में आ चुके हैं। मामले के अन्य आरोपियों में भोपाल की इंटीरियर डिजाइनर जाहिदा परवेज, उसकी राजदार सहेली सबा फारुकी, हत्यारों का इंतजाम करने का आरोपी साकिब अली उर्फ डेंजर और भाड़े का संदिग्ध हत्यारा ताबिश खान शामिल हैं।












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