लादेन के साले ने दी आईएसआई को चुनौती

उन्होंने दीवानी अदालत के न्यायाधीश शाहरूख अर्जुमंड द्वारा अपनी बहन के खिलाफ सुनवाई किये जाने पर आपत्ति जताई। हाई कोर्ट ने इस याचिका की स्वीकार्यता को लेकर कुछ आपत्ति जताई लेकिन बाद में इसे मुख्य न्यायाधीश इकबाल हमीदुर रहमान के समक्ष सुनवाई के लिये तय कर दिया। दीवानी अदालत के न्यायाधीश ने हाल ही में लादेन की तीन विधवाओं और बच्चों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि उसने पाकिस्तान में अवैध तरीके से प्रवेश करने और रहने के आरोपों पर सुनवाई शुरू कर दी।
अब तक खुफिया एजेंसियों की हिरासत में रह रही ये महिलायें और बच्चे हाल ही में इस्लामाबाद में एक घर में भेज दिये गये जिसे एक उप जेल घोषित कर दिया गया है। अब्दलफत्ता ने अपनी याचिका में कहा कि पाकिस्तानी प्रशासन उनकी बहन और पांच नाबालिग बच्चों के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं दर्ज कर सकता है क्योंकि वे अफगान युद्ध के समय देश छोड़कर चले आये लाखों प्रवासियों की तरह रह रहे हैं। अब्दलफत्ता ने विदेशी कानून की धारा 13 और 14 तथा पाकिस्तान आपराधिक दंड संहिता की धारा 212 एवं 419 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने को चुनौती दिया है।












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