शांति की खोज में निकला मंत्री पुत्र का अभी तक कुछ पता नहीं

दिन से लापता 35 वर्षीय विवाहित पुत्र का अभी कोई सुराग नहीं लगा है। मंत्री पुत्र तनाव से मुक्ति के लिए 15 मार्च को नजीबाबाद क्षेत्र स्थित बेलगिरी संन्यास आश्रम आया था। 17 मार्च की दोपहर वह टहलने निकला और उसके बाद वापस नहीं लौटा। मंत्री पुत्र की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित
की गईं हैं। सोमवार को इन टीमों ने उत्तराखंड सीमा पर भी सर्च अभियान चलाया, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। राज्यमंत्री ने एसपी बिजनौर को खबर की तो जिले में हड़कंप मच गया। पहले तो उसकी तलाश होती रही। बाद में आश्रम प्रबंधक की तहरीर पर नजीबाबाद पुलिस ने रविवार की देर शाम अतुल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। सोमवार को सीओ नजीबाबाद और सीओ नगीना के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस को लापता अतुल की तलाश में लगाया गया। पुलिस के साथ क्षेत्रीय ग्रामीणों की टीमें भी गठित की गई हैं।
बेलगिरी संन्यास आश्रम के प्रबंधक रविंद्रनाथ सरस्वती ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कि उनका आश्रम जूना अखाडे़ से संबंधित है। मंत्री पुत्र अतुल एक परिचित के साथ आश्रम आया था। उस समय वह आश्रम में मौजूद नहीं थे। इससे पूर्व भी अतुल मोटाढाक और हरिद्वार स्थित उनके आश्रम आ चुका था।
उन्होंने बताया कि अतुल तनावग्रस्त था और तनाव से मुक्ति के लिए ही आश्रम आया था। लघु उद्योग मंत्री भगवत शरण गंगवार भी देर शाम बेलगिरी संन्यास आश्रम मोटाढाक पहुंच गए। उन्होंने प्रबंधक रविंद्रनाथ सरस्वती के अलावा नजीबाबाद, नगीना और धामपुर के सीओ से बात की। उन्होंने मीडिया को बताया कि अतुल बीटेक करने के बाद अपने कारोबार से जुड़ा था। पिछले कुछ समय से वह एकांत में रहना चाहता था। मार्च के पहले हफ्ते में वह स्वयं उसके साथ आश्रम आए थे। सीओ रत्नेश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें आश्रमवासियों ने बताया कि 15 मार्च को आने के बाद से ही अतुल शांत था। किसी से भी उसने अधिक बातचीत नहीं की। 17 मार्च को वह आश्रम से टहलने के लिए निकला और तब से वापस नहीं लौटा। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है।












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