स्वामी सानंद के आंदोनल में शामिल हुए अन्ना

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी एम्स जाकर स्वामी सानंद से मुलाकात की। अपना समर्थन जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अब गंगा आंदोलन भी मेरे एजेंडे में शामिल हो गया है। स्वामी सानंद के करीबी मित्र प्रो. वीरभद्र मिश्रा ने कहा कि गांगा की रक्षा के लिए लड़ रहे सानंद जी ने अपनी जान दाव पर लगा दी है। अगर उनको किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
निर्मल गंगा के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की मांग थी कि गंगा में न शवदाह होगा, न नाव चलेगी। कई दिन से आंदोलनरत स्वामी ने अन्न त्याग दिया था और पिछले 9 मार्च को उन्होंने पानी भी त्याग दिया था। इस समय उनकी प्रारंभिक जांच चल रही है। अब अन्ना के आंदोलन को एक और एजेंडा मिल गया है, अन्ना उनके साथ हो गये है।
वाराणसी। अविरल-निर्मल गंगा की मांग को लेकर तपस्यारत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के एम्स भेजे जाते ही एक अन्य संत गंगाप्रेमी भिक्षु ने अन्न त्याग दिया है। इसके साथ ही शंकराचार्य घाट पर बुद्धिजीवियों, प्रबुद्धजनों और संतों की आपात बैठक में सात सूत्रीय एजेंडा तय किया गया। जिसमें एक दिन शवदाह व नौका संचालन ठप करने और गंगा आरती को संक्षिप्त करना शामिल है।












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